चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में ताइवान के विपक्षी नेता के साथ एक दुर्लभ मुलाकात की है। इस दौरान जिनपिंग ने एलान किया कि ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों तरफ के लोग चीनी हैं और शांति चाहते हैं। उन्होंने विपक्षी नेता को संबोधित करते हुए कहा कि चीन ताइवान की स्वतंत्रता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने ताइवान की विपक्षी नेता से द्वीप के पुनर्एकीकरण के प्रयासों को आगे बढ़ाने का आह्वान भी किया। चीन शुरू से ही ताइवान को अपना हिस्सा बताता है और पुनर्एकीकरण पर जोर देता है। हालांकि, ताइवान ने शुरू से इससे इनकार किया है। 
ताइवानी विपक्षी पार्टी पर चीन के करीबी होने का आरोप
बीजिंग में शी और ताइवान की कुओमिन्तांग (KMT) की अध्यक्ष चेंग ली-वुन के बीच हुई यह मुलाकात एक दशक में इस तरह का पहला संपर्क है। हालांकि, इस दौरे से ताइवान में विवाद खड़ा हो गया है। चेंग के आलोचक उन पर चीन के बहुत ज्यादा करीब होने का आरोप लगा रहे हैं। ताइवान के लोग चीन को एक खतरे के तौर पर देखते हैं। हालांकि KMT अध्यक्ष चेंग ली-वुन ने अपने चीन दौरे को तनाव कम करने के लिए शांति मिशन कहा है। वहीं, चीन ने ताइवान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ा दिया है। 
चेंग ली-वुन ने जिनपिंग को ताइवान आमंत्रित किया
चीनी राष्ट्रपति मुलाकात के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, चेंग ने कहा कि अगर KMT ताइवान में सत्ता में आती है, तो वह शी को दौरे के लिए आमंत्रित करना चाहेंगी। ताइवान में अगला आम चुनाव 2028 में होगा। चेंग ने पहले कहा था कि खुद को चीनी मानना एक "बहुत ही स्वाभाविक बात" है। हालांकि, आम ताइवानी ऐसा नहीं सोचते हैं। जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार, दो-तिहाई लोग खुद को मुख्य रूप से ताइवानी मानते हैं। 
KMT का चीन से संबंध जानें
चेंग मंगलवार को चीन पहुंचीं और बीजिंग जाते समय उन्होंने कई शहरों का दौरा किया, जिनमें नानजिंग भी शामिल है। यह चीन की एक पुरानी राजधानी थी, जब 1949 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के सत्ता में आने से पहले KMT का शासन था। CCP से हारने के बाद, KMT ताइवान भाग गई थी। तब से, यह स्व-शासित द्वीप अपने स्थानीय शासकों और बीजिंग में बैठी CCP के बीच तीखी बहस का विषय बना हुआ है; CCP इस द्वीप को चीनी क्षेत्र का हिस्सा होने का दावा करती है। 
शी जिनपिंग ने ताइवान को मिलाने की बात कही
हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक की शुरुआत में शी ने कहा, "यह ऐतिहासिक प्रवृत्ति बदलने वाली नहीं है कि जलडमरूमध्य के दोनों ओर के लोग एक-दूसरे के करीब और साथ आएंगे। यह इतिहास की निश्चितता है और हमें इस पर पूरा विश्वास है।" यह नवंबर 2016 के बाद केएमटी अध्यक्ष की कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व के साथ पहली मुलाकात है। इससे पहले ऐसा नवंबर 2016 में तत्कालीन केएमटी अध्यक्ष हंग शिउ-चू की मुख्यभूमि चीन की यात्रा के दौरान हुआ था।
ट्रंप के दौरे से पहले चीन पहुंचीं चेंग ली-वुन
चेंग की शी जिनपिंग के साथ इस बैठक पर दुनियाभर की नजरें हैं क्योंकि 2012 में सत्ता संभालने के बाद से चीनी नेता ताइवान के पुन: एकीकरण के प्रयासों को तेज कर रहे हैं और "वन चाइना" नीति को सख्ती से लागू कर रहे हैं। चेंग की यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14-15 मई को बीजिंग यात्रा से पहले हो रही है, जिसमें ताइवान का मुद्दा शी चिनफिंग के साथ उनकी वार्ता में प्रमुख रूप से उठ सकता है। इस संभावना का कारण वाशिंगटन की ताइपे को 11 अरब डॉलर के हथियार सौदे की योजना है, जो अब तक का सबसे बड़ा अमेरिकी पैकेज होगा। 
-Legend News

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