ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राहुल गांधी को हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की है। कहा, संसद में मनुस्मृति पर दिए उनके बयान से सनातनी आहत हैं। तीन माह पूर्व नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन अब तक उन्होंने जवाब नहीं दिया इसलिए आज उन्हें हिंदू धर्म से बहिष्कृत करने की सार्वजनिक घोषणा करता हूं। 
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर हैं। शनिवार (3 मई) को बद्रीनाथ में मीडिया के सामने राहुल गांधी के बहिष्कार का ऐलान किया। कहा, कोई व्यक्ति जब हिंदू धर्मग्रंथों का लगातार अपमान करता है और स्पष्टीकरण देने से बचता है, उसे हिंदू धर्म में रहने का अधिकार नहीं है। 
संसद में दिया था विवादित भाषण 
बद्रीनाथ के शंकराचार्य आश्रम में स्वामी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, जो व्यक्ति मनुस्मृति को अपना ग्रंथ नहीं मानता, वह हिंदू नहीं हो सकता। साथ ही बताया, राहुल गांधी ने संसद के भाषण में संविधान और मनुस्मृति की कॉपी दिखाते हुए कहा था कि मनुस्मृति बलात्कारियों को बचाती है, लेकिन तीन माह बाद भी स्पष्ट नहीं कर पाए कि मनुस्मृति में यह बात कहां लिखी है।   
मंदिरों में जाने से रोकना होगा 
शंकराचार्य ने कहा, राहुल गांधी हिंदू धर्म के खिलाफ काम करते हैं। उन्हें मंदिरों में जाने से रोकना चाहिए। पुजारी उनके लिए पूजा न करांए। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था की जाए। देव भूमि से श्रद्धालु बिना दर्शन के वापस न लौटने पाएं। 
तीर्थयात्रियों को न हो असुविधा 
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, देवभूमि में विधर्मियों का प्रवेश वर्जित हो। दूसरे धर्म के लोग भी यहां बिना रोक-टोक के आते-जाते हैं। तीर्थयात्री लिखित में समस्याओं से अवगत कराएं और प्रशासन संज्ञान लेकर निराकरण कराए।
पहलगाम हमले के मृतकों का करेंगे श्राद्ध 
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। साथ ही मृतकों को शहीद बताते हुए उनकी आत्मा शांति के लिए ब्रह्म कपाल तीर्थ में श्राद्ध किए जाने का ऐलान किया। 
-Legend News

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