समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन पुलिस और प्रशासनिक रवैए से खासे नाराज हैं। पिछले 3 महीने से उन्हें जिले से बाहर जाने पर रोक लगी है। बुधवार को वे एटा जाना चाहते थे, लेकिन एटा पुलिस की सूचना पर आगरा में उनके आवास को छावनी में तब्दील कर दिया गया। उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इस बात पर वे बिफर पड़े। गुस्से में आए सांसद ने कहा है कि मेरे साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है कि जैसे में कोई आतंकवादी या नक्सलवादी हूं।
थाना हरीपर्वत क्षेत्र के एचआईजी अपार्टमेंट में सपा सांसद रामजीलाल सुमन का मकान है। बुधवार को वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ एटा कलक्ट्रेट में धरना देने जा रहे थे। इसके लिए उन्होंने एटा पुलिस को सूचित कर दिया था। जैसे ही सुबह वे घर से निकलने के लिए जाने लगे। थाना हरीपर्वत समेत अन्य सर्किल की फोर्स उनके आवास पहुंच गई। पुलिस ने घर के पास बैरियर लगा दिए। इस दौरान सांसद और पुलिस अधिकारियों की बहस भी हुई। सांसद ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उन्हें गोली मरवा दीजिए, लेकिन वे इस लोकतांत्रिक देश में दलितों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। 
मेरे मौलिक अधिकारों का हनन 
सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि बीजेपी ने 25 जून को जोर शोर से जलसा किया था कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था। ये बात ठीक है। हम भी जेल गए थे लेकिन ये अघोषित अपातकाल है। इन लोगों का लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट किया जा रहा है। पिछले 3 महीने से मुझे नजरबंद कर रखा है। कहीं भी जाने नहीं दिया जा रहा है। मेरे मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। व्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाम लगाई जा रही है। 
एटा में तोड़ी जा रहीं मूर्तियां
सांसद ने कहा कि एटा में तीन बार महात्मा गौतम बुद्ध की मूर्तियां टूटीं जबकि दो बार पुलिस की मौजूदगी में टूटी हैं। बाबा साहब की मुर्तियां तोड़ी गईं। अवागढ़ में दलितों की बारात रोकी गई। पुलिस ने दलितों के खिलाफ नामदज केस दर्ज कर लिया। पुलिस का अपराधियों के साथ मित्रवत व्यवहार चल रहा है। यही वजह है कि पुलिस ने ऐसा शॉर्टकट अपना लिया कि अपराधी मुर्तियां तोड़ते हैं और पुलिस उस जगह पर नयी मुर्तियां लगवा देती है। ये कानून की लचर व्यवस्था का नतीजा है। अगर सख्त कार्रवाई की जाती तो शायद ऐसी घटनाओं की पुनर्रावृति नहीं होती। 
अपराधियों जैसा हो रहा व्यवहार
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि एक जुलाई सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन के दिन पर उनके पोस्टर को पैरों से कुचला गया। उनका अपमान किया गया। मगर पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। अवागढ़ में दलितों की बारात रोकने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर पुलिस गुण दोष के आधार पर कार्रवाई करती तो अपराधियों के हौंसले बुलंद नहीं होते। 
इसी के विरोध में वे एटा मुख्यालय में सपा के धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन अब एटा, आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
-Legend News

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