भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर हिंदू धर्म, भारतीय संस्कृति और संसदीय मर्यादा को अपमानित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर हिंदू धर्म का 'मजाक' उड़ाने का आरोप लगाया और संसद में 'कुत्ते वाले स्टंट' के लिए रेणुका चौधरी पर भी निशाना साधा। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के सहयोगी दल डीएमके ने खुलेआम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनातन धर्म के उन्मूलन की बात कही, लेकिन कांग्रेस ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने पूछा, "क्या कांग्रेस पार्टी ने हिंदू धर्म के समूल नाश के कार्यक्रम को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है? क्या कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि हिंदू देवी-देवताओं और भारतीय संस्कृति पर सीधे हमले शुरू कर दें?"
भाजपा नेता ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस वायरल वीडियो पर भी निशाना साधा, जिसमें स्कूल के बच्चे उन्हें 'राधे-राधे' कहकर अभिवादन कर रहे थे और सीएम सुक्खू यह पूछते नजर आ रहे थे कि 'राधे-राधे कहने की क्या आवश्यकता है?'
इस पर त्रिवेदी ने सवाल किया कि एक तरफ कांग्रेस का मुख्यमंत्री हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करता है, दूसरी तरफ बच्चों को 'राधे-राधे' कहने से भी रोकता है। आखिर कांग्रेस की समस्या क्या है हिंदू परंपराओं से? "
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की एक सांसद पर संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यह वही सांसद (रेणुका चौधरी) हैं जिन्होंने पहले कुत्ते को संसद परिसर में लाने की कोशिश की और फिर इसे लेकर नाटकीय बयानबाजी की थी। "मंगलवार को जब मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब देने के बजाय कुत्ते की आवाज निकालकर पत्रकारों का मजाक उड़ाया।
इससे पहले भी वह कह चुकी हैं कि ये काटने वाले नहीं हैं, काटने वाले अंदर बैठे हैं। इसका मतलब पूरे संसद सदस्यों को 'काटने वाला' कहना है। यह आचरण संसदीय गरिमा का सीधा अपमान है।"
सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब विधिवत और सुविचारित तरीके से संसद को नीचा दिखाने की मुहिम चला रही है। इन सभी घटनाओं को जोड़ते हुए भाजपा नेता ने कांग्रेस से कई बड़े सवाल पूछे।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि क्या यह सब उनकी पार्टी की आधिकारिक नीति है? क्या वे जानबूझकर हिंदू धार्मिक परंपराओं का अपमान कर रहे हैं? क्या वे संसद जैसी संस्था का सम्मान खत्म करना चाहते हैं? या कहीं और से प्रेरित होकर सामाजिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश हो रही है?"
त्रिवेदी ने कहा कि सनातन धर्म का उन्मूलन भारत में कभी नहीं हो सकता, लेकिन ऐसा एजेंडा दुनिया के कई संस्थानों और मंचों पर जरूर चलाया गया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इसी पैटर्न का हिस्सा बनती नजर आ रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले खुद की राजनीतिक डीएनए जांच करनी चाहिए। ये लोग खुद कांग्रेस नेताओं के बारे में भी नहीं पढ़ते हैं।
भाजपा ने यह भी कहा कि बार-बार हिंदू प्रतीकों, अभिवादन शब्दों, धार्मिक आस्था और संसद का मजाक उड़ाने की घटनाओं से यह स्पष्ट है कि कुछ न कुछ गहरा चल रहा है और कांग्रेस को इस पर जवाब देना ही होगा।
फिलहाल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर बहस गर्म हो चुकी है। 
-Legend News

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