मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 11 और 12 के छात्र-छात्राओं के बीच हुई हैकाथॉन प्रतियोगिता में नवाचार, तकनीकी कौशल और सहयोग की भावना का अनूठा संगम देखने को मिला। 16 टीमों के बीच हुई इस प्रतियोगिता में हर टीम के छात्र-छात्राओं ने कोडिंग प्रोग्रामों के माध्यम से अपने आइडियाज को कार्यशील तकनीकी मॉडल में बदलने की बेहतर कोशिश की। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर अतिथियों ने टीम बैट सिग्नल को विनर, टीम फॉर्मल सोसाइटी को रनर अप तथा टीम सेफ सर्कल को सेकंड रनर अप का पुरस्कार प्रदान कर छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।

एकदिनी हैकाथॉन प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने जहां कोडिंग प्रोग्रामों से निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया वहीं विभिन्न गेम्स, ऐप, वेबसाइट आदि क्षेत्रों में भी अपनी बौद्धिक क्षमता दिखाई। विद्यार्थियों ने ट्रेड सेवर, हिसाब क्विक, घोस्ट (टू हाइड सीक्योर मैसेज), चेटबॉट, फूड ब्रिज (फॉर सप्लायिंग एक्स्ट्रा फूड फॉर पीपुल इन नीड) आदि प्रोग्राम तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अंत में निर्णायक मंडल में शामिल आरएटीएम की असिस्टेंट प्रोफेसर भाग्यश्री और असिस्टेंट प्रोफेसर (डॉ.) निधि वर्मा आर्य ने टीम बैट सिग्नल को विनर, टीम फॉर्मल सोसाइटी को रनर अप तथा टीम सेफ सर्कल को सेकंड रनर अप घोषित किया।

विजेता टीम बैट सिग्नल में कक्षा 12 के विवान सारस्वत, सक्षम खंडेलवाल, आदित्य राघव, रनर अप टीम में कक्षा 12 के शौर्य शर्मा, गुंजन अग्रवाल, मधुर चतुर्वेदी एवं द्वितीय रनर अप टीम में कक्षा 11 के आरुष अग्रवाल, ईशान श्रीवास्तव, योगेश अग्रवाल का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। अंत में अतिथि निर्णायकों द्वारा विजेता तथा उपविजेता छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी व सर्टिफिकेट प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।

आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने विजेता-उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए अपने संदेश में कहा कि ऐसे आयोजन छात्र-छात्राओं को वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें वैश्विक स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास के लिए इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन समय-समय पर आवश्यक है।

स्कूल के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में सीखने को बहुत कुछ है। समय के साथ चलना है तो कोडिंग आदि की जानकारी अत्यंत आवश्यक है। स्कूल की प्रिंसिपल नंदिता ढींगरा ने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में जीतने से अधिक जरूरी उसमें सहभागिता होती है। यदि आप लोग अपना प्रयास जारी रखेंगे तो एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। प्रतियोगिता के सुचारु संचालन में कम्प्यूटर शिक्षकों अम्बिका जैन, प्रिया सेठ और रोहित का विशेष योगदान रहा। अंत में प्रिंसिपल नंदिता ढींगरा ने अतिथियों का बहुमूल्य समय देने के लिए आभार माना।
- Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).