वेनेजुएला में जारी गहरे राजनीतिक संकट और मानवाधिकारों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ग्लोबल डिप्लोमैटिक पीस एम्बेसडर एवं नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस काउंसिल ऑफ इंडिया के महानिदेशक एडवोकेट एम.आई. ज़रगर पठानवी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। एडवोकेट पठानवी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वैश्विक नेताओं से आग्रह किया कि वे वेनेजुएला में मानवाधिकार स्थिति पर खुलकर अपनी आवाज़ उठाएं।
उन्होंने हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बाहरी ताकतों द्वारा हटाने की कार्रवाई, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी “खतरनाक मिसाल” बताया है, अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर सवाल खड़े करती है। अपने बयान में पठानवी ने राजनीतिक विरोधियों की गिरफ्तारी, हिरासत और निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकारों के कथित उल्लंघन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन के विरुद्ध हैं। 
एडवोकेट पठानवी ने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप या सत्ता परिवर्तन संप्रभुता का सम्मान, कानून के दायरे में, और मानवाधिकारों की रक्षा के साथ होना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक बंदियों की रिहाई, समावेशी संवाद और वेनेजुएला की जनता की इच्छा के अनुरूप शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया। यह अपील उस समय सामने आई है जब 3 जनवरी 2026 को अमेरिका-नेतृत्व वाले अभियान में मादुरो को पकड़े जाने के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस छिड़ी हुई है। मानवाधिकार संगठनों, जिनमें ह्यूमन राइट्स वॉच और संयुक्त राष्ट्र की फैक्ट-फाइंडिंग मिशन शामिल हैं, पहले ही वेनेजुएला में दमन और अधिकार हनन की लगातार रिपोर्टें जारी कर चुके हैं। 
-Legend News

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