गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में आतंकी गतिविधियों से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान के कुछ आतंकी संगठनों से सोशल मीडिया के जरिए जुड़ने और खुफिया जानकारी साझा करने के आरोप में पुलिस ने नाहल और कौशांबी इलाके से कुल 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों कार्रवाइयों के बाद माना जा रहा है कि गाजियाबाद ऐसे लोगों के लिए पनाहगाह बनता जा रहा है। इससे पहले भी जिले के कुछ गांवों के नाम संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सामने आ चुके हैं।

चार दिन में दो जगहों से 12 संदिग्ध गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक चार दिन के भीतर दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनमें से कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से जुड़े थे और संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप हैं। फिलहाल पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और संभावित साजिश के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।

मसूरी में पकड़ा गया संदिग्ध गिरोहन
जांच एजेंसियों के अनुसार मसूरी इलाके से पकड़ा गया संदिग्ध गिरोह किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस अब इनके संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गाजियाबाद में इससे पहले भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। 2023 में गुजरात के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान लोगों को धमकी देने का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच करते हुए गुजरात पुलिस गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के बिसोखर गांव तक पहुंची थी।

वहां एक मकान पर छापेमारी कर पुलिस ने भाई-बहन जुनैद और रिहाना को गिरफ्तार किया था। मौके से एडवांस सिम बॉक्स, एम्पलीफायर, सैटेलाइट फोन, छह मोबाइल फोन और पेनड्राइव सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे।

इसके अलावा 2022 में एटीएस ने पीएफआई के एजेंट के रूप में कलछीना गांव निवासी परवेज को गिरफ्तार किया था। वहीं 2023 में एटीएस ने कलछीना और नेकपुर गांव से छह संदिग्धों को पकड़ा था। इन घटनाओं के बाद से कलछीना गांव सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर बना हुआ है।

रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
नाहल गांव से गिरफ्तार किए गए छह संदिग्धों को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए अदालत में आवेदन भी किया गया है।

मोबाइल और ट्रैवल हिस्ट्री की जांच
पुलिस ने संदिग्ध सावेज के मोबाइल फोन को साइबर जांच के लिए भेजा है। वहीं आरोपी जावेद के पास से पासपोर्ट भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर उसकी ट्रैवल हिस्ट्री की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन लोगों के तार किन-किन संगठनों और व्यक्तियों से जुड़े हुए हैं।
- Legend News

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