केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन दावों को खारिज कर दिया कि इथेनॉल-ब्‍लेंडेड पेट्रोल से गाड़ियां खराब होती हैं। उन्होंने आलोचकों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि इस पहल से खेती में विविधता आई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अरबों रुपये का निवेश हुआ है।
नितिन गडकरी 'बिहार इंवेस्‍टेंट समिट 2026: द इमर्जिंग इंवेस्‍टमेंट डेस्टिनेशन ऑफ इंडिया' के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि 2022 से 4 करोड़ से ज्‍यादा चार-पहिया और 20 करोड़ से ज्‍यादा दो-पहिया वाहन बिना किसी समस्या के इथेनॉल-ब्‍लेंडेड पेट्रोल पर चल रहे हैं। 
नितिन गडकरी ने दी खुली चुनौती
गडकरी ने कहा, 'मैं किसी को भी चुनौती देता हूं कि वह ऐसी कोई शिकायत लेकर आए कि इस वजह से उसकी गाड़ी खराब हुई है। बेशक, जिनका अपना स्वार्थ है, उनकी कहानी कुछ और हो सकती है।' उन्होंने बताया कि प्रमुख वाहन निर्माताओं की ओर से 100 फीसदी इथेनॉल के परीक्षणों में भी कोई शिकायत नहीं मिली।
इस पॉलिसी के विरोध पर मंत्री ने कहा कि यह विरोध पारंपरिक ईंधन आयात से जुड़े व्यावसायिक हितों के कारण हो रहा है। उन्होंने कहा, 'बेशक, हम 22 लाख रुपये करोड़ का (पारंपरिक ईंधन) आयात कर रहे हैं और जिन्हें लगता है कि उनके कारोबार पर असर पड़ेगा, उन्हें बुरा लगना स्वाभाविक है। लेकिन, मैं आपको बता दूं, मैं संबंधित विभाग का मंत्री हूं। सभी प्रमुख ऑटोमोबाइल ब्रांडों ने अपनी गाड़ियों को 100 फीसदी इथेनॉल पर भी चलाकर देखा है। कोई शिकायत नहीं मिली है।'
पॉलिसी में क्‍यों किया गया बदलाव?
गडकरी ने जोर देकर कहा कि पॉलिसी में यह बदलाव देश के कृषि आधार को पारंपरिक फसल उत्पादन से आगे ले जाने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा, 'हमें यह समझना होगा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का फैसला कृषि को ऊर्जा और बिजली क्षेत्रों की ओर विविधतापूर्ण बनाने के उद्देश्य से लिया गया था... हमारे किसान अब सिर्फ 'अन्‍नदाता' नहीं रहेंगे, बल्कि 'ऊर्जादाता' (ऊर्जा उत्पादक) भी बनेंगे।'
मंत्री ने कहा कि मक्के से इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने से बिहार और उत्तर प्रदेश के किसानों को 45,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त कमाई हुई है। चावल के भूसे से एविएशन फ्यूल (हवाई जहाज का ईंधन) बनाने जैसे बड़े इनोवेशन की ओर इशारा करते हुए उन्होंने सवाल किया, 'क्या उन लोगों के हितों को प्राथमिकता देना बेहतर नहीं है जिनसे हम (ईंधन) आयात करते हैं?' 
बिहार को बताया समृद्ध
बिहार की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए गडकरी ने राज्य को 'समृद्ध' बताया। उन्होंने मखाना जैसी स्थानीय चीजों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी मांग और पर्यटन के क्षेत्र में मौजूद अपार संभावनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य निश्चित रूप से नई ऊंचाइयां छुएगा।'
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोगों से राज्य में निवेश करने की अपील की। अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादन के लिए सरकार की ओर से सहयोग का वादा किया। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि अगर आपका उत्पाद उम्मीद के मुताबिक हुआ तो आपको एक बड़ा बाज़ार मिलेगा।
-Legend News

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