रिपोर्ट : LegendNews
नए समझौते के तहत भारत को सुपर जेट राफेल F5 की टेक्नोलॉजी देने पर सहमत हुआ फ्रांस
फ्रांस ने एक नए समझौते के तहत भविष्य में भारत को मिलने वाले राफेल विमानों में अहम 'राफेल F5' टेक्नोलॉजी देने पर सहमति जता दी है। इनमें AI-की मदद से फैसला लेने में सहायता, एडवांस्ड सैटेलाइट कम्युनिकेशन, बेहतर डेटा फ़्यूजन और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमताएं शामिल हैं। इससे मुश्किल ऑपरेशनों के दौरान हालात की बेहतर समझ और लड़ाई में ज्यादा असरदार क्षमता मिलेगी। फ्रांस अब भारत को दिए जाने वाले राफेल में एडवांस्ड सैटेलाइट कम्युनिकेशन लिंक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) को लगाने पर सहमत हो गया है। इससे भारत को भविष्य में दिए जाने वाले राफेल महाशक्तिशाली हो जाएंगे। ऐसे सुपर राफेल के आने से पाकिस्तान और चीन दोनों को टेंशन बढ़नी तय है। सुपर राफेल में हाइपरसोनिक, न्यूक्लियर क्षमता वाली गाइडेड मिसाइलें ले जाने के लिए भी बदलाव किए जाएंगे। फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट इसे महज एक फाइटर जेट नहीं, बल्कि एक सिस्टम के अंदर एक 'एयर कॉम्बैट सिस्टम' मानता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त फ्रांस के दौरे पर हैं, जहां वह जी-7 शिखर बैठक में हिस्सा लेने एवियन पहुंचे हैं।
राफेल बनेगा महाशक्तिशाली, F5 तकनीक अपग्रेडेशन
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राफेल को महाशक्तिशाली बनाने के लिए उसमें प्रस्तावित तकनीक लगाने का काम भारतीय वायुसेना (IAF) के मल्टी रोल फाइटर एयरक्रॉफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत होना है।
इसके तहत फ्रांस से 114 राफेल की खरीद की जानी है। इन सभी राफेल में नेक्स्ट जनरेशन की तकनीक लगाई जाएगी, जो भविष्य में भारतीय राफेल के बेड़े को मौजूदा F3R और F4 से आगे बढ़कर F5 तकनीक से अपग्रेड करेगी।
ये सभी राफेल एडवांस्ड नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमताओं और AI आधारित निर्णय लेने की क्षमताओं से लैस होंगी।
राफेल में लगेगा SATCOM तो बरपाएगा कहर
रिपोर्टों के अनुसार, इन सभी उन्नत तकनीकों में सबसे खास एडवांस सैटेलाइट कम्युनिकेशन (SATCOM) लिंक्स है, जो राफेल को भारत की कमांड और कंट्रोल ढांचे के मुताबिक होगा।
इसके अलावा, राफेल को इंडियन रडार नेटवर्क्स, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशंस, सेंसर्स और साजोसामान के साथ तालमेल बिठाने में सहूलियत होगी।
डसॉल्ट और उसके पार्टनर पहले से ही F5 स्टैंडर्ड पर काम कर रहे हैं, जिसके 2030 के आसपास तैयार होने की उम्मीद है। यह अपग्रेड धीरे-धीरे किया जाएगा। F5 में छठी पीढ़ी के यूरोपीय एयरक्राफ्ट जैसे कुछ फीचर्स होंगे।
राफेल में F5 के जुड़ने से क्या होगा
यूरेशियन टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार F5 स्टैंडर्ड में नए सेंसर, हथियार और बातचीत व सहयोग के लिए तेज और ज्यादा सुरक्षित तरीके शामिल होंगे।
इस एयरक्राफ्ट में बहुत बेहतर इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सुइट होगा, जिसमें दुश्मन के डिफेंस को दबाने या नष्ट करने (SEAD/DEAD) की एडवांस्ड क्षमताएं होंगी।
इसमें लेटेस्ट जैमिंग सिस्टम और एंटी-रेडिएशन हथियार भी शामिल होंगे।
यह मौजूदा SPECTRA EW और जैमिंग सिस्टम का और बेहतर वर्शन होगा और एयरक्राफ्ट के चारों ओर एक डिफेंसिव बबल (सुरक्षा घेरा) भी बनाएगा।
राफेल-F5 में और क्या लग सकता है
F5 में फाइबर-ऑप्टिक केबलिंग भी लगाई जाएगी। इन सब बदलावों से मुश्किल हालात में भी दुश्मन के इलाके में घुसने की क्षमता काफी बेहतर हो जाएगी।
राफेल F5 एक "सेंसर ट्रक" की तरह भी काम करेगा, जिसमें डेटा फ्यूजन और प्रोसेसिंग की क्षमताएं होंगी, जिससे यह एक टैक्टिकल फ्लाइंग कमांड पोस्ट के तौर पर काम कर सकेगा।
F5 को पांचवीं और छठी पीढ़ी की क्षमताओं के बीच की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
F5 में एंग्लो-फ्रेंच फ्यूचर क्रूज़ मिसाइल (FCM) और फ्यूचर एंटी-शिप मिसाइल (FASM) ले जाने के लिए भी बदलाव किए जाएंगे। T-REX इंजन मौजूदा M88-2 इंजन की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत ज़्यादा थ्रस्ट (शक्ति) देगा।
राफेल F5 बन सकता है F-35 का विकल्प
शुरुआत में F5 की डिलीवरी 2029-30 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसे 2027 में शुरू करने पर बातचीत चल रही है। फ्रांस को लगता है कि उन देशों के लिए राफेल F5 का बाजार बना रहेगा जो भू-राजनीतिक कारणों से F-35 नहीं खरीद सकते।
पीएम मोदी और मैक्रों के बीच राफेल पर भी बात!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच रविवार को राफेल लड़ाकू विमानों को भारत में बनाने समेत विभिन्न मुद्दों पर व्यापक बातचीत हुई। वार्ता में 13 मुद्दों पर सहमति बनी, जिनमें इनोवेशन रोडमैप, अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय वार्षिक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य और एक एआई ढांचा बनाना शामिल हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने फ्रांसीसी रक्षा कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 114 राफेल खरीदने की भारत की योजना पर कहा, चर्चा में राफेल और दूसरे मुद्दों पर बात हुई, लेकिन असल थीम यह थी कि किसी भी रक्षा प्लेटफार्म के मामले में हम इस आधार पर आगे बढ़ेंगे कि अधिक से अधिक स्थानीय सामग्री व स्थानीय स्तर पर निर्माण होना चाहिए और हमारा सहयोग इसे ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाना चाहिए।
-Legend News

Recent Comments