अमेरिका के पूर्व NSA यानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की जमकर आलोचना की है। इस दौरान उन्होंने भारत को जानबूझकर निशाना बनाने के भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान और चीन पर टैरिफ नहीं लगाया गया जबकि भारत को निशाना बनाया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसके चलते अमेरिका और भारत के संबंधों पर असर पड़ा है। 
बोल्टन ने कहा, मैं कहूंगा कि दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय कारोबार में चीन बड़ी समस्या है। इसके कई कारण हैं। लेकिन ट्रंप ने क्या किया कि अमेरिका के लगभग सभी व्यापारी साझेदारों के खिलाफ युद्ध का एलान कर दिया है। जिसका कोई मतलब नहीं है। इस दौरान उन्होंने खासतौर से भारत का भी जिक्र किया था।
उन्होंने कहा, प्रतिबंधित रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप की प्रतिक्रिया ऐसी थी कि भारत पर अनुचित तरीके से जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा, लेकिन चीन और पाकिस्तान पर टैरिफ बिल्कुल भी नहीं बढ़ाए गए। मुझे लगता है कि वो बहुत ही बड़ी गलती थी। मैं समझता हूं कि कैसे इन टैरिफ संबंधी फैक्टर्स ने रिश्तों पर असर डाला है।
उपाय भी बताया
बोल्टन ने कहा, मुझे लगता है कि इसे ठीक करने का एक आसान सा तरीका है कि सभी ट्रंप टैरिफ को खत्म कर दिया जाए। इस कार्यकाल में तो ऐसा नहीं होने वाला है।
कब तक होगा भारत और अमेरिका व्यापार समझौता
जून के अंत में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने समझौता जल्द होने की संभावनाएं जताई थीं। उन्होंने कहा था कि समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है और बातचीत का केवल अंतिम एक प्रतिशत हिस्सा ही बाकी है। उन्होंने भरोसा जताया था कि समझौता जल्द अंतिम रूप ले लेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया था कि दोनों देशों के लिए लाभकारी होने वाला है।
उन्होंने कहा था, 'हम इस समझौते के अंतिम चरण में हैं। इसका अधिकतर हिस्सा पूरा हो चुका है। दोनों पक्षों की ओर से कुछ मुद्दे अभी बाकी हैं। बातचीत का केवल अंतिम एक प्रतिशत हिस्सा शेष है।' उन्होंने कहा, 'लोग पूछते हैं कि इसमें इतना समय क्यों लग रहा है? हम पिछले डेढ़ साल से इस पर काम कर रहे हैं। तुलना करें तो यूरोप के साथ व्यापार समझौते में 20 वर्ष लगे थे। इसलिए जब तक हम यूरोपीय समझौते से पहले इसे पूरा कर लेते हैं, तब तक हम अच्छी स्थिति में हैं। हालांकि मैं इसे जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।'
बेहतर संबंधों का दावा
गोर ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच व्यक्तिगत तालमेल दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ा रहा है। गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत यात्रा की बेहद सुखद यादें संजो रखी हैं और वह आज भी उसका जिक्र करते हैं। उन्होंने कहा, उनकी पिछली भारत यात्रा सबसे यादगार यात्राओं में से एक थी, जिसका वह आज भी जिक्र करते हैं। यह यात्रा उनके दिल के बेहद करीब रही है। मैं राष्ट्रपति का दोबारा भारत दौरा होने का इंतजार कर रहा हूं। 
-Legend News

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