बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा फिल्म 'पद्मावत' के जौहर दृश्य पर की गई टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। करणी सेना की महिला शाखा प्रमुख कीर्ति राठौड़ और बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने स्वरा भास्कर को जमकर सुनाया है। 
शहजाद पूनावाला का तीखा हमला
बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने स्वरा भास्कर की तुलना कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करते हुए उन्हें और भी अधिक अपरिपक्व करार दिया। शहजाद ने कहा कि 2026 के आज के भारत में महिलाओं के पास संविधान, न्यायपालिका और पुलिस जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उसकी तुलना 1303 के मध्यकाल में युद्धग्रस्त चित्तौड़ से करना ऐतिहासिक संदर्भ को नजरअंदाज करना है। उस दौर में महिलाओं के सामने युद्ध में पराजय के बाद बंदी बनाए जाने और गंभीर यौन उत्पीड़न जैसे खतरे मौजूद थे। 
पूनावाला ने आगे कहा कि आज किसी पीड़िता का जीवन चुनना निस्संदेह बहादुरी है, लेकिन इसकी तुलना उन राजपूत महिलाओं के फैसले से करना जिन्होंने आक्रमणकारी के हाथों बंदी बनने से इनकार किया था। यह गलत बराबरी है। पूनावाला ने स्वरा पर हमला बोलते हुए कहा कि वह जानबूझकर गलत नैरेटिव गढ़ती हैं। वह हमलावर पक्ष को हटाकर पीड़ितों को निशाने पर रख देती हैं। यह उनके और उनके लोगों द्वारा एक जानी-पहचानी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। वह हिंदू पक्ष को आलोचना का केंद्र बनाना चाहती हैं।
प्रियंका चुतर्वेदी ने भी स्वरा के बयान पर दी प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि जब चुनाव मौत और हराम में गुलाम बनने के बीच हो, तो महिलाओं ने मौत को चुना, जो उनका एक फैसला था। 
करणी सेना का पलटवार
करणी सेना की महिला विंग प्रमुख कीर्ति राठौड़ ने स्वरा भास्कर की भाषा और समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभिनेत्री को टिप्पणी करने से पहले विषय पर बेहतर अध्ययन करना चाहिए था। 
क्या था स्वरा भास्कर का बयान?
स्वरा भास्कर ने बताया कि फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखाए गए जौहर के दृश्य ने उन्हें इतना विचलित कर दिया था। उन्होंने कहा कि फिल्म में करीब 800 महिलाओं को जौहर करते देखकर उनके मन में यह सवाल उठा कि क्या उत्पीड़न की शिकार किसी महिला के लिए आत्मबलिदान ही सम्मान और वीरता का एकमात्र मानक माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के दृश्य यह संदेश देते नजर आते हैं कि पीड़िता के जीवित रहने का कोई मूल्य नहीं है, और यही सोच समस्याजनक है।
भारी ट्रोलिंग के बाद मंगलवार को स्वरा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर सफाई दी। स्वरा ने कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा, बल्कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। 
-Legend News

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