रिपोर्ट : LegendNews
चढ़ावे में अनियमितताओं को लेकर बद्रीनाथ धाम के पीए पर एफआईआर दर्ज
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के चेयरमैन के कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बद्रीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 306 और 316(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इससे पहले उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।
दान गिनती के दौरान सामने आई कथित गड़बड़ी
एफआईआर के अनुसार 2 जुलाई को मंदिर में थाली भेंट (दान-पात्र) में आए चढ़ावे की गिनती के दौरान शुरुआती जांच में पता चला कि सुबह 9:00 से 9:30 बजे के बीच गिनती केंद्र से मंदिर की नकदी कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से निकाली गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रमोद नौटियाल ने निजी लाभ के लिए मंदिर के दान की राशि का दुरुपयोग किया, जिसके बाद उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया।
धामी सरकार ने बनाई तीन सदस्यीय हाई लेवल समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
समिति की अध्यक्षता गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप कर रहे हैं, जबकि सदस्यों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान हैं।
सरकार ने समिति को आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों से राय लेने का अधिकार भी दिया है। साथ ही मंदिर की दान प्रबंधन प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ाने के लिए सुझाव देने को भी कहा गया है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत बोले, जांच ऐसी हो जिस पर सबको भरोसा हो
मामले पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच ऐसी होनी चाहिए जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो। यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में प्रस्तावित देवस्थानम बोर्ड का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह आज भी मानते हैं कि प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के बेहतर प्रबंधन के लिए ऐसा बोर्ड होना चाहिए।
कांग्रेस ने जांच समिति की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मामले को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए सरकार की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों पर सवाल उठ रहे हैं, उसी तंत्र से जुड़े लोगों को जांच समिति में शामिल करना निष्पक्ष जांच के सिद्धांतों के विपरीत है।
गोदियाल ने मांग की कि मामले की जांच विधानसभा की संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी) से कराई जाए, जिसकी अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष करें। यदि सरकार इसके लिए तैयार नहीं है तो जांच की निगरानी उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के पास निष्पक्ष कार्रवाई का अवसर था, लेकिन पहले केदारनाथ स्वर्ण प्रकरण की तरह इस मामले में भी सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह केवल स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच को ही स्वीकार करेगी।
-Legend News

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