पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बगावत की आंधी चल रही है। डॉन के मुताबिक जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने घोषणा की है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद के लिए अपना लंबा मार्च फिर से शुरू करेंगे। पाकिस्तान की सेना ने अभी तक बेरहमी से पीओके के प्रदर्शन को कुचला है और 50 से ज्यादा लोगों की हत्या की जा चुकी है। जिसके बाद अब यूरोपीय यूनियन ने धमकी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान का अत्याचार जारी रहता है तो उससे व्यापारिक छूट (GSP Plus status) छीन लिया जाएगा। 
डॉन के मुताबिक ईदगाह में धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए JAAC के मुख्य सदस्य उमर नजीर कश्मीरी ने कहा कि अगर 14 जुलाई तक उनकी मांगों के चार्टर को लागू नहीं किया गया तो गठबंधन 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद के लिए लंबा मार्च करेगा। उन्होंने कहा कि लंबा मार्च जिसे 10 जून को रावलकोट में रोक दिया गया था वो पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत फिर से शुरू होगा।
पीओके में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ प्रदर्शन
डॉन के मुताबिक उमर नज़ीर कश्मीरी ने कहा, JAAC एक बार फिर 14 जुलाई तक अपनी मांगों के चार्टर को लागू करने की मांग करता है। अगर 14 जुलाई की शाम तक कोई प्रगति नहीं हुई तो हम 15 जुलाई को नई घोषणा करेंगे। उस दिन न तो यह मांगों का चार्टर होगा और न ही किसी समझौते को लागू करने की कोई मांग होगी। अल्लाह ने चाहा तो हम एक नई घोषणा के साथ यह जगह छोड़ेंगे। 
इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों से 15 जुलाई के मार्च की तैयारी शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया, राजनीतिक दलों और स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से भी मार्च पर नजर रखने की अपील की ताकि पाकिस्तानी सेना हिंसक कार्रवाई ना कर सके। 
PoK में प्रदर्शन का पूरा मामला क्या है?
JAAC मुख्य रूप से बिजली पर भारी सब्सिडी, आटे पर सब्सिडी और स्थानीय अधिकारों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर 2024 से आंदोलन कर रही है। अक्टूबर 2025 में प्रशासन के साथ एक समझौता हुआ था लेकिन JAAC का आरोप है कि सरकार ने वादे पूरे नहीं किए जिसके बाद तनाव फिर से बढ़ गया है। JAAC का यह भी आरोप है कि पाकिस्तान की सरकार ने PoK में आवश्यक खाद्य पदार्थों और दवाओं की आपूर्ति रोककर आर्थिक नाकेबंदी कर दी है। 
JAAC के प्रदर्शन को लेकर ताजा अपडेट्स क्या हैं?
इस महीने की शुरूआत में PoK सरकार ने JAAC को 'आतंकवाद-रोधी अधिनियम' के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया है।
इसके बाद से पाकिस्तान सेना की तरफ से बर्बर कार्रवाई की गई है और 1000 से ज्यादा शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 50 से ज्यादा लोगों को पाकिस्तानी सेना मौत के घाट उतार चुकी है।
डॉन के मुताबिक रावलकोट के पास प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं जिसमें कई लोगों के हताहत होने की खबरें हैं
JAAC के नेता सरदार अमन खान ने पाकिस्तानी सेना पर स्थानीय लोगों का दमन करने और उन्हें आतंकवादी करार देने का आरोप लगाया है।
तनाव बढ़ने पर JAAC नेताओं ने पहली बार भारत से मानवीय सहायता की गुहार लगाई है और पाकिस्तान से बिगड़ते हालात के कारण नियंत्रण रेखा (LoC) खोलने का आग्रह किया है।
पाकिस्तान की सेना ने प्रदर्शन को कुचलने के लिए पीओके के ज्यादातर हिस्सों में नाकाबंदी कर दी है जिससे खाने-पीने की सप्लाई नहीं हो पा रही है। पाकिस्तान के नेता कश्मीरियों के खिलाफ जहरीली बयानबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शन का केन्द्र रावलकोड है जिसे चारों तरफ से असीम मुनीर की सेना ने घेर रखा है। JAAC के प्रमुख नेता जैसे शौकत नवाज़ मीर को गिरफ्तार कर अज्ञात जेल भेज दिया गया है। पीओके में अब पाकिस्तान से आजादी की मांग उठने लगी हैं और पाकिस्तानी सेना और सरकार का असली चेहरा उनके सामने आ चुका है। 
-Legend News

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