फिल्ममेकर विक्रम भट्ट को 30 करोड़ रुपये के आईवीएफ फ्रॉड केस में गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ में उनकी पत्नी और छह अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी विक्रम भट्ट की साली के घर से की गई। इन सभी के खिलाफ पहले लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस और मुंबई पुलिस ने मिलकर विक्रम भट्ट की साली के घर पर की। राजस्थान पुलिस अब बांद्रा कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी ताकि वो उन्हें आगे की पूछताछ के लिए उदयपुर ले जा सकें। यह कदम विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और छह अन्य लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद उठाया गया है। उन्हें 8 दिसंबर तक उदयपुर पुलिस के सामने पेश होने के लिए कहा गया है और बिना अनुमति के विदेश यात्रा करने पर रोक लगा दी गई है।
जानकारी के मुताबिक मामला तब शुरू हुआ जब इंदिरा आईवीएफ अस्पताल के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें एक फिल्म प्रोजेक्ट में 30 करोड़ से ज्यादा पैसे लगाने के लिए राजी किया गया था। कथित तौर पर उनसे वादा किया गया था कि मुनाफा 200 करोड़ रुपये तक मिल जाएगा। करीब 20 दिन पहले ही विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी और छह अन्य लोगों के खिलाफ भूपालपुरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई गई। 
एफआईआर के अनुसार विक्रम भट्ट, डॉ. मुर्डिया की दिवंगत पत्नी पर एक बायोपिक बनाने के लिए राजी हो गए और उनसे कहा कि वह सारा काम संभालेंगे। बताया जा रहा है कि जैसे फिल्म के प्रोडक्शन का काम आगे बढ़ा, तो विक्रम भट्ट ने कथित तौर पर पैसे मांगे और कहा कि उनकी पत्नी और बेटी इसमें सहयोगी के तौर पर शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए श्वेतांबरी भट्ट के नाम से वीएसबी एलएलपी नाम की एक कंपनी रजिस्टर कराई गई थी। 
-Legend News

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