फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में दो दशक बाद 16 जुलाई गुरुवार को इंग्लैंड और अर्जेंटीना की टीमें आमने-सामने होने वाली हैं। दोनों टीमों के बीच खेले जाने वाले मुकाबले से वर्ल्ड कप की सबसे पुरानी प्रतिद्वंद्विताओं में से एक हो गया है।
इंग्लैंड और अर्जेंटीना पांच मुकाबले में आमने सामने हुए हैं। इस दौरान इंग्लैंड का पलड़ा भारी रहा है। इंग्लैंड की टीम तीन मुकाबले जीती है, जबकि अर्जेंटीना को दो मैचों में जीत मिली है, जिसमें एक पेनल्टी भी शामिल है। इंग्लैंड और अर्जेंटीना पहली बार वर्ष 1962 में विश्व कप में आमने-सामने हुए थे। जब इंग्लैंड ने ग्रुप चरण में 3-1 से जीत हासिल की थी, टीमों ने 1966 के क्वार्टर फाइनल में वेम्बली में प्रतिद्वंद्विता की नींव रखी थी। इंग्लैंड ने उस मैच में 1-0 से जीत हासिल की, जिसे ज्योफ हर्स्ट के देर से विजेता के रूप में कम, अर्जेंटीना के कप्तान एंटोनियो रैटिन की बर्खास्तगी के लिए याद किया जाता है।
इस मुकाबले में इंग्लैंड ने ट्रॉफी तो जीत ली थी, लेकिन उस मुकाबले की खराब भावना दशकों तक बनी रही। अब 20 वर्ष बाद मेक्सिको सिटी के एज्टेका स्टेडियम में फाइनल में जगह बनाने की जंग होगी। बता दें कि स्वीट्जरलैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। इसी के साथ ही लियोनेल स्कालोनी ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ने के साथ ही नेशनल टीम के इतिहास के सबसे अहम मैनेजरों में अपनी जगह पक्की कर ली है।
स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैच लियोनेल स्कालोनी का नेशनल टीम के कोच के तौर पर 13वां वर्ल्ड कप मैच था। उन्होंने वर्ष 1978 वर्ल्ड कप चैंपियन सीजर लुइस मेनोट्टी का रिकॉर्ड तोड़ा है। सीजर लुइस मेनोट्टी ने 12 वर्ल्ड कप मैचों में टीम को संभाला था। अब लियोनेल स्कालोनी की नजर कार्लोस साल्वाडोर बिलार्डो से आगे निकलने पर है। कार्लोस साल्वाडोर बिलार्डो ने 14 वर्ल्ड कप मैचों में टीम को संभाला है। इनके बाद अब दूसरे नंबर पर लियोनेल स्कालोनी ही हैं। 
-Legend News

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