रिपोर्ट : LegendNews
EPFO ने करोड़ों सब्सक्राइबर्स को दी बड़ी राहत: डिजिटल रिफॉर्म पूरा किया, सभी रिकॉर्ड ट्रांसफर
ईपीएफओ (EPFO) ने करोड़ों सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत देते हुए बड़े डिजिटल रिफॉर्म को पूरा कर लिया है. सभी पीएफ (PF) मेंबर्स के रिकॉर्ड को सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में सफलतापूर्व बुधवार को ट्रांसफर कर दिया गया. हालिया अपग्रेड के बाद ईपीएफओ (EPFO) की बंद पड़ी ऑनलाइन सर्विस फिर से बहाल हो गई हैं. केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया के अनुसार, नए सिस्टम के तहत अब पीएफ क्लेम को ईपीएफओ ऑफिस के अधिकारियों के पास पहुंचने से पहले ही ऑटोमेटिक तरीके से जांच लिया जाएगा. फॉर्म में किसी भी तरह की गलती या कमी होने पर उसे शुरुआत में नोटिस कर लिया जाएगा. आइए जानते हैं नए पोर्टल से आपका क्या-क्या काम आसान हो जाएगा?
ऑफिस पहुंचने से पहले ही चेक होगा क्लेम
अब से आपके द्वारा सब्मिट किये गए सभी पीएफ क्लेम ईपीएफओ (EPFO) अधिकारियों के टेबल पर पहुंचने से पहले ऑटोमेटिक प्री-वैलिडेशन प्रोसेस (वेरिफिकेशन प्रोसेस) से गुजरेंगे. यानी सिस्टम खुद ही शुरुआती तौर पर आपके फॉर्म को चेक कर लेगा.
तुरंत सामने आ जाएंगी गलतियां
यदि आपके क्लेम फॉर्म में किसी तरह की गलती, अधूरी जानकारी या अन्य कोई खामी है तो नया सिस्टम उसे तुरंत फ्लैग (चिन्हित) कर देगा. इसके बाद मेंबर को इससे जुड़ी जानकारी एडवांस में मिल जाएगी ताकि वे उसे सुधार सकें.
खामियां सुधारने के लिए मिलेगी ऑनलाइन गाइडेंस
नए पोर्टल से केवल आपकी गलतियां ही सामने नहीं आएंगी, बल्कि इसके जरिये यह भी गाइड किया जाएगा कि उसे ठीक कैसे करना है. इस कदम से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पहली बार में ही क्लेम स्वीकार होने की संभावना बढ़ जाएगी और बार-बार फॉर्म रिजेक्ट होने का झंझट खत्म हो जाएगा.
अप्लाई करने से पहले देख सकेंगे रकम
यह बेहद शानदार फीचर है. अब पीएफ मेंबर्स क्लेम सब्मिट करने से पहले ही यह देख सकेंगे कि वे पीएफ की अलग-अलग कैटेगरी जैसे बीमारी, शादी या घर बनाने की जरूरत के तहत अधिकतम किनी रकम निकालने के हकदार हैं. इससे उन्हें सही प्लानिंग करने में मदद मिलेगी.
एक ही जगह मिलेगा पूरी मेंबरशिप का रिकॉर्ड
नए पोर्टल पर मेंबर्स को 'यूनिफाइड मेंबर डैशबोर्ड' मिलेगा. इस सिंगल डिजिटल इंटरफेस के जरिये आप अपनी मेंबरशिप की डिटेल, पीएफ का बैलेंस, क्लेम का स्टेटस, पेंशन योग्य सर्विस का रिकॉर्ड और मिलने वाले फायदों को एक साथ देख पाएंगे.
15 जुलाई तक खातों में आएगा ब्याज
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 8.25% सालाना की दर से मिलने वाला ब्याज ऑटो-प्रोसेस मोड में आ गया है. 34 करोड़ मेंबर्स के खातों के लिए 1.44 लाख करोड़ से ज्यादा की ब्याज राशि का वेरिफिकेशन तेजी से होगा. 15 जुलाई तक यह सभी मेंबर्स की पासबुक में शो होने लगेगी.
ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़कर 5 लाख
ईपीएफओ (EPFO) ने ऑटो-सेटलमेंट के दायरे को बढ़ा दिया है. जिन अकाउंट में पूरी तरह केवाईसी (KYC) लिंक है, उनके 5 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम ऑटो-सेटलमेंट के जरिये फटाफट पास हो जाएंगे. पहले इसकी लिमिट महज एक लाख रुपये थी.
नौकरी बदलने पर ऑटोमेटिक ट्रांसफर होगा पीएफ
यदि आपका पीएफ अकाउंट यूएएन (UAN) और आधार से लिंक है तो नई नौकरी ज्वाइन करते ही आपका पुराना पीएफ बैलेंस नए अकाउंट में अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा. इसके लिए कर्मचारियों को अलग से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट डालने की जरूरत नहीं होगी.
EPFO के सवालों का ऑनलाइन दे सकेंगे जवाब
यदि किसी क्लेम को लेकर ईपीएफओ को अतिरिक्त जानकारी या डॉक्यूमेंट की जरूरत है तो मेंबर सीधे पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रिप्लाई दे सकते हैं. इस सुविधा के बाद छोटी-मोटी पूछताछ के लिए ईपीएफओ ऑफिस के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी.
सेटलमेंट वाले दिन ही बैंक अकाउंट में आएगा पैसा
नए सिस्टम में एक सेंट्रलाइज्ड पेमेंट आर्किटेक्चर को जोड़ा गया है. इसके जरिये इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट चैनल का यूज कर क्लेम अमाउंट को बेहद सुरक्षित और तेज गति से सीधे मेंबर के बैंक अकाउंट में उसी दिन क्रेडिट कर दिया जाएगा, जिस दिन क्लेम सेटल होगा.
पेंशनर्स को मिली आजादी
EPS पेंशनर्स अब देश के किसी भी पीएफ दफ्तर में जाकर अपनी सर्विस ले सकते हैं या लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे. इसके अलावा, पेंशन के क्लेम को किसी भी रीजनल ऑफिस द्वारा प्रोसेस किया जा सकता है. इसके अलावा देश के किसी भी बैंक अकाउंट में पेंशन मंगवाई जा सकती है.
शुरुआती दो हफ्तों तक अतिरिक्त निगरानी
डेटाबेस को नए सिस्टम पर पूरी तरह ट्रांसफर करने के बाद अभी 'स्टेबलाइजेशन पीरियड' चल रहा है. इसलिए अगले दो हफ्तों तक सभी क्लेम और सर्विस रिक्वेस्ट की अतिरिक्त जांच और एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन किया जाएगा.
देश के किसी भी कोने से हो सकेगा प्रोसेस
पहले आपके पीएफ से जुड़े काम उसी रीजनल ऑफिस में होते थे, जहां आपकी कंपनी रजिस्टर्ड थी. लेकिन अब सेंट्रलाइज्ड सिस्टम के कारण ईपीएफओ का कोई भी अधिकृत अधिकारी देश के किसी भी जगह से आपकी सर्विस रिक्वेस्ट प्रोसेस कर सकेगा. इससे काम की रफ्तार पहले के मुकाबले बढ़ जाएगी.
-Legend News

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