बिहार की आठ विधान परिषद (MLC) सीटों पर होने वाले चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है, लेकिन इससे पहले मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर घमासान मच गया है। पार्टी द्वारा छह सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के बाद सिंगापुर से सियासत पर नजर रख रहीं पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने तीखा विरोध जताया है। उन्होंने सीधे तौर पर तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली कार्यशैली और टिकट बंटवारे पर सवाल खड़े करते हुए इसे 'लालूवाद' और पार्टी के मूल सिद्धांतों पर गहरा आघात करार दिया है। 
अवसरवादियों को तरजीह देने का आरोप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक के बाद एक तीखे पोस्ट साझा करते हुए रोहिणी आचार्या ने पार्टी के फैसले को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि वैचारिक निष्ठा और लंबे संघर्ष को दरकिनार कर ऐन चुनाव से पहले पार्टी में आए अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का घोर अनादर है। दशकों तक संघर्ष कर और लाठियां खाकर संगठन को सींचने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार करना आरजेडी के आंतरिक लोकतंत्र के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह निर्णय केवल निष्ठावान समर्थकों के साथ वादाखिलाफी नहीं, बल्कि पार्टी की वैचारिक नींव पर भी प्रहार है। 
आरजेडी ने इन चेहरों पर लगाया है दांव
बता दें कि आरजेडी ने 11 सितंबर को छह विधान परिषद सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया था, जिसके बाद से यह विवाद शुरू हुआ है। पार्टी द्वारा घोषित सूची के अनुसार:
पटना शिक्षक सीट: डॉ. संजीव कुमार सिंह
पटना स्नातक सीट: दिलीप कुमार
कोसी स्नातक सीट: नितेश कुमार
दरभंगा स्नातक सीट: अनिल कुमार झा
सारण शिक्षक सीट: प्रो. जयराम यादव
तिरहुत स्नातक सीट: डॉ. रश्मि विनायक गौतम 
पार्टी ने फिलहाल बाकी बची दो सीटों के लिए अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन उससे पहले ही इस आंतरिक कलह ने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। 
इससे पहले जून महीने में हुए विधान परिषद चुनावों के दौरान भी टिकट चयन को लेकर रोहिणी की नाराजगी सामने आई थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद से नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में दूरियां आ गई थीं, जो अब खुलकर सामने आने लगी हैं।
नवंबर में पूरा हो रहा मौजूदा एमएलसी का कार्यकाल
आगामी नवंबर महीने में इन आठ विधान पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें कई दिग्गज चेहरे शामिल हैं। इनमें पटना शिक्षक सीट से बीजेपी के नवल किशोर यादव, दरभंगा शिक्षक सीट से कांग्रेस के मदन मोहन झा, सारण शिक्षक से निर्दलीय अफाक अहमद, तिरहुत शिक्षक से सीपीआई के संजय कुमार सिंह, पटना स्नातक सीट से जेडीयू के नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक से निर्दलीय वंशीधर ब्रजवासी, दरभंगा स्नातक से निर्दलीय सर्वेश कुमार और कोसी स्नातक से बीजेपी के एनके यादव का कार्यकाल शामिल है। 
-Legend News

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