चुनाव आयोग ने सोमवार को अपना एक वेब पोर्टल शुरू किया है। सभी राजनीतिक पार्टियों को अपने वित्तीय विवरण की जानकारी इस पोर्टल पर देनी होगी। वित्तीय विवरण के साथ ही राजनीतिक पार्टियों को चुनाव खर्च और पार्टी को मिलने वाले आर्थिक योगदान की भी जानकारी देनी होगी। देश में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने इस पोर्टल की शुरुआत की है। 
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार बीते एक साल से इस पोर्टल पर काम कर रहे थे। यह पोर्टल चुनाव आयोग की 3C रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत राजनीतिक फंडिंग और खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत रखने के लिए सफाई, अवैध फंडिंग पर कार्रवाई और नियमों का अनुपालन शामिल है। बता दें कि जो राजनीतिक पार्टियां अपने वित्तीय विवरण का ब्योरा नहीं पेश करेंगी, उन्हें इसका लिखित में कारण बताना होगा। साथ ही सीडी और पैन ड्राइव के साथ तय फॉर्मेट में  रिपोर्ट फाइल करनी होगी। 
चुनाव आयोग सभी रिपोर्ट्स को ऑनलाइन प्रकाशित करेगा। चुनाव आयोग ने इस संबंध में सभी राजनीतिक पार्टियों को पत्र लिखा है। पोर्टल पर योगदान रिपोर्ट, ऑडिट वार्षिक रिपोर्ट और चुनाव खर्च का विवरण दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि जन प्रतिनिधि कानून, 1951 के तहत आयोग समय-समय पर राजनीतिक दलों को वित्तीय विवरण चुनाव आयोग को मुहैया कराना जरूरी है।  
Compiled: Legend News

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