अमेरिका और ईरान की जंग जारी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर बड़ा बयान जारी किया है. ट्रंप ने कहा है कि आज रात (11 जून की रात) अमेरिका ईरान पर जोरदार हमला करेगा. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिये यह बात कही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार नेटवर्क, एयर डिफेंस सिस्टम और उसकी हमलावर क्षमता को बुरी तरह कमजोर कर दिया है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका आने वाले समय में ईरान के अहम ऊर्जा केंद्रों और तेल इफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में कदम उठा सकता है.
ट्रंप ने अपने पोस्ट में क्या कहा?
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा है कि अमेरिका आज रात ईरान पर जबरदस्त हमला करेगा. ईरान की नेवी, एयर फ़ोर्स, रडार, एंटी-एयरक्राफ्ट और दूसरे सभी तरह के डिफेंस सिस्टम, साथ ही उसकी ज्यादातर हमला करने की क्षमता खत्म हो चुकी है! आने वाले समय में हम खार्ग आइलैंड और तेल से जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्जा कर लेंगे और उनके तेल और गैस मार्केट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने वेनेजुएला के मामले में किया है. ट्रंप ने आगे लिखा कि यह कदम वेनेजुएला और अमेरिका दोनों के लिए बहुत बढ़िया साबित हो रहा है. 
तेहरान और बंदर अब्बास समेत कई इलाकों पर अमेरिका ने किए हवाई हमले
इससे पहले अमेरिका ने ईरान के तेहरा, बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में हवाई हमले किए. अमेरिकी हमले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के क्षेत्रों में हुए थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान की लगातार आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई है. CENTCOM के अनुसार हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार नेटवर्क और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया. हालांकि, हमलों से हुए नुकसान का पूरा ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है.
ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की ओर दागीं मिसाइलें
इधर, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की दिशा में मिसाइल हमले किए. जॉर्डन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर बढ़ रही 20 ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया. वहीं, बहरीन के गृह मंत्रालय के अनुसार जवाबी कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे से 11 साल की एक लड़की घायल हो गई, जबकि कई मकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा. सुरक्षा कारणों से कुवैत ने कुछ घंटों के लिए अपना हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया.
युद्धविराम पर फिर मंडराने लगा खतरा
दो महीने पुराने युद्धविराम के बाद यह तीसरा मौका है जब दोनों पक्षों के बीच सैन्य टकराव बढ़ रहा है. वहीं बढ़ते सैन्य हमलों ने संघर्ष विराम और वार्ता की बची हुई उम्मीदों को संकट में डाल दिया है. हालांकि अमेरिका और ईरान दोनों सार्वजनिक रूप से युद्ध खत्म करने की इच्छा जता रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है. 
-Legend News

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