लखनऊ। अब राशन लेने के लिए दिव्यांग, बुजुर्ग और असहाय लोगों को कोटे की दुकान तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. खाद्य एवं रसद विभाग ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी सूची तैयार कर रहा है. सूची पूरी होने के बाद उन्हें उनके घर पर ही राशन उपलब्ध कराया जाएगा. विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को राहत देना है, जो शारीरिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि हर महीने खुद राशन की दुकान पर जाकर राशन ले सकें.

पहले ही दिए गए थे निर्देश

जानकारी के लिए बता दें कि करीब एक साल पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिए थे कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ऐसे राशन कार्ड धारकों की पहचान की जाए, जो दिव्यांग हैं, बुजुर्ग हैं या किसी वजह से कोटे की दुकान तक नहीं पहुंच सकते है. सरकार चाहती थी कि ऐसे लोगों को कोटेदार के जरिए घर पर ही राशन दिया जाए लेकिन आदेश जारी होने के बावजूद यह व्यवस्था ज्यादातर जिलों में प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पाई.

मंत्री की फटकार के बाद जागा विभाग

पिछले दिनों खाद्य एवं रसद विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्री मनोज पांडेय ने इस मामले की समीक्षा की तो उन्हें पता चला कि सरकार के पुराने निर्देशों का ठीक से पालन नहीं हुआ है. इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि दिव्यांग, बुजुर्ग और असहाय लोगों को हर हाल में घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था लागू की जाए. मंत्री के सख्त रुख के बाद विभाग ने एक बार फिर इस अभियान को तेज कर दिया है.

क्या कहते हैं अधिकारी

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, अब उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जो उम्र, दिव्यांगता या अन्य कारणों से कोटे की दुकान तक नहीं जा पाते. उनकी सूची तैयार होने के बाद संबंधित कोटेदार के माध्यम से उनके घर तक राशन पहुंचाया जाएगा. लखनऊ के जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है, जो दिव्यांग हैं, बुजुर्ग हैं या असहाय हैं और खुद राशन लेने नहीं जा सकते.

उन्होंने कहा कि सूची तैयार होने के बाद ऐसे सभी पात्र लोगों को उनके घर पर ही राशन उपलब्ध कराया जाएगा. डीएसओ ने बताया कि घर-घर राशन पहुंचाने की व्यवस्था पहले से विभाग में मौजूद थी. हालांकि, पिछले दिनों मंत्री की ओर से इसे लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. इसके बाद अभियान को और तेज किया गया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रहे. उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि जिन लोगों के लिए घर से निकलना कठिन है, उन्हें राशन के लिए परेशान न होना पड़े. ऐसे लोगों को हर महीने समय पर उनके घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी.

दिव्यांगों व बुजुर्गों को होगा लाभ

अगर यह व्यवस्था पूरी तरह लागू होती है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा उन बुजुर्गों, दिव्यांगों और असहाय लोगों को मिलेगा, जिन्हें अब तक राशन लेने के लिए परिवार, पड़ोसियों या अन्य लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था. विभाग का मानना है कि इससे जरूरतमंद लोगों को समय पर राशन मिलेगा और उन्हें हर महीने कोटे की दुकान के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे.
- Legend News


 

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