रिपोर्ट : LegendNews
मथुरा: कर्मचारियों के वेतन भुगतान को पार्षद का महापौर व नगरायुक्त को पत्र
मथुरा। वार्ड संख्या–37 के पार्षद अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह ने महापौर व नगर आयुक्त से नियमित, आउटसोर्स, संविदा एवं ठेका/एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को देय वेतन का भुगतान किये जाने की मांग की है।
पार्षद अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह ने महापौर व नगर आयुक्त को पत्र भेज कर कहा कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन, मथुरा में कार्यरत समस्त नियमित, आउटसोर्स, संविदा एवं ठेका/एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए गत 01 अगस्त 2026 से 25 अगस्त 2026 तक देय वेतन का भुगतान दिनांक 27 अगस्त 2026 तक कराया जाये।
गौरतलब है कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन, मथुरा में नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आउटसोर्स, संविदा एवं ठेका/एजेंसी के माध्यम से कर्मचारी विभिन्न विभागों एवं सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इन कर्मचारियों द्वारा नगर निगम की सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक नागरिक सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
चूंकि रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मथुरा-वृंदावन की धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व हैं और इन पर्वों को नगर में विशेष हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की भी अपनी आवश्यक पारिवारिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियां होती हैं।
अतः कर्मचारीहित एवं जनहित को दृष्टिगत रखते हुए अनुरोध है कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन में कार्यरत समस्त नियमित, आउटसोर्स, संविदा तथा ठेका/एजेंसी के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को दिनांक 01 अगस्त 2026 से 25 अगस्त 2026 तक देय वेतन का भुगतान अधिकतम दिनांक 27 अगस्त 2026 तक सुनिश्चित कराया जाये। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों/ठेकेदारों/एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिये जायें।
समय से वेतन भुगतान होने से कर्मचारियों को अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को गरिमापूर्ण एवं हर्षोल्लास के साथ मनाने में सुविधा प्राप्त होगी तथा उनके मनोबल में भी वृद्धि होगी। साथ ही, इससे नगर निगम की विभिन्न आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों में अपने दायित्वों के प्रति और अधिक उत्साह एवं समर्पण की भावना उत्पन्न होगी।
कर्मचारीहित, जनहित एवं मानवीय संवेदनाओं को दृष्टिगत रखते हुए यह सर्वथा उचित ही होगा।
- Legend News

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