पिछले साल सरकारी संस्थाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार की 70,500 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं और इनमें सबसे अधिक शिकायतें बैंकों और रेलवे के खिलाफ थीं। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
केंद्रीय सतर्कता आयोग को कितनी मिली शिकायतें?
रिपोर्ट के मुताबिक आयोग की ओर से काम करने वाले मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) को कुल 70,584 शिकायतें मिली थीं। इनमें से 31 दिसंबर 2025 तक 64,905 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया था। सीवीसी की वार्षिक रिपोर्ट 2025 में कहा गया है, '2025 के अंत तक कुल 5,679 शिकायतों की जांच या कार्रवाई पूरी नहीं हुई थी। इनमें से 2,002 शिकायतें ऐसी थीं, जो तीन महीने से अधिक समय से लंबित थीं।' सीवीओ से अपेक्षा की जाती है कि वे शिकायतों की जांच तीन महीने के भीतर पूरी करें। 
बैंकों की सबसे अधिक 9,933 शिकायतें मिलीं
रिपोर्ट में कहा गया कि शिकायतों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के लिए आयोग समय-समय पर सीवीओ के पास लंबित शिकायतों की समीक्षा करता है।
बैंकों के सीवीओ को सबसे अधिक 9,933 शिकायतें मिलीं। इनमें से 9,520 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया, जबकि 413 शिकायतें लंबित थीं। इनमें 52 शिकायतें तीन महीने से अधिक समय से लंबित थीं।
रेलवे से संबंधित 9,381 शिकायतें मिलीं
रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे से संबंधित 9,381 शिकायतें सीवीओ को मिलीं। इनमें से 8,754 शिकायतों का निपटारा किया गया, जबकि 627 शिकायतें 31 दिसंबर 2025 तक लंबित थीं। इनमें 10 शिकायतें तीन महीने से अधिक समय से लंबित थीं।
आवास और शहरी मामलों से संबंधित कुल 6,531 शिकायतें मिलीं, जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार को छोड़कर स्थानीय निकायों के खिलाफ 4,834 शिकायतें प्राप्त हुईं।
रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल प्राप्त 4,118 शिकायतें कोयला क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों से संबंधित थीं। इसके अलावा 3,107 शिकायतें वित्त क्षेत्र, 2,804 दिल्ली सरकार और 2,722 शिकायतें पेट्रोलियम मंत्रालय से संबंधित थीं। यह रिपोर्ट हाल ही में सार्वजनिक की गई है।
रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली पुलिस के खिलाफ कुल 2,633 शिकायतें मिलीं, जबकि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग क्षेत्र से संबंधित 2,139 और दिल्ली पुलिस को छोड़कर केंद्रीय गृह मंत्रालय से संबंधित 2,036 शिकायतें प्राप्त हुईं।
रिपोर्ट में 2025 के दौरान सीवीसी की ओर से 'आवश्यक कार्रवाई' के लिए सीवीओ को भेजी गई शिकायतों का विवरण भी दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी कुल 18,651 शिकायतों में सबसे अधिक 4,110 शिकायतें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार को छोड़कर स्थानीय निकायों से संबंधित थीं।
इसके बाद बैंकों के खिलाफ 1,749, रेलवे से संबंधित 1,428, पेट्रोलियम मंत्रालय के खिलाफ 1,318, दिल्ली सरकार से संबंधित 1,307 और रक्षा मंत्रालय के खिलाफ 1,016 शिकायतें थीं। 
-Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).