रिपोर्ट : LegendNews
कार्पोरेट जिहाद: नासिक TCS में धर्मांतरण रैकेट के बाद कई अन्य कंपनियां भी SIT के रडार पर
मुंबई। कार्पोरेट जिहाद एक नई चुनौती है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों और प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों में नौकरी और प्रमोशन का लालच देकर अगर हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण कराया जा रहा है और उनका यौन शोषण किया जा रहा है तो क्या यह ट्रेंड सिर्फ़ नासिक तक सीमित है ? महाराष्ट्र पुलिस ने नासिक के मामले में सात लोगों को गिरफ़्तार किया है। पूरे मामले की तह में जाते हुए पुलिस द्वारा अन्य कंपनियों के अंदर क्या चल रहा है इसे खँगालना शुरू हो गया है।
बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी टीसीएस की नासिक शाखा में महिला कर्मचारियों के लैंगिक शोषण एवं उनके धर्मांतरण के प्रयास मामले की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है। नासिक के प्रभारी मंत्री गिरीश महाजन ने पुलिस को यह पता लगाने के निर्देश दिये हैं कि कहीं उस क्षेत्र में काम कर रही अन्य कंपनियों में भी तो इस प्रकार का रैकेट नहीं चल रहा था।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उक्त बीपीओ कंपनी में करीब पांच साल पहले एक मुस्लिम समुदाय का व्यक्ति टीम लीडर बना। कुछ ही वर्षों में उसने कंपनी में होने वाली नई भर्तियों में अपने ही समुदाय के लोगों की आबादी तेजी से बढ़ा ली। फिर संगठित रूप से वहां काम करनेवाली हिंदू लड़कियों का लैंगिक शोषण, उनसे छेड़छाड़ और उनके धर्मांतरण का प्रयास किया जाने लगा।
एचआर मैनेजर निदा खान ने की मामले को दबाने की कोशिश
चूंकि कंपनी की एचआर प्रबंधक कंपनी के पुणे ऑफिस में बैठती थी, इसलिए पीड़ित लड़कियों को अपने साथ हो रही बदसलूकी एवं शोषण की शिकायत मेल भेजकर करनी पड़ी। लेकिन लड़कियों द्वारा भेजे गए मेल पर एचआर मैनेजर में कोई ध्यान नहीं दिया।
उसने यह कहकर बात को दबाने का प्रयास किया कि यह सब तो सभी कंपनियों में होता रहता है। इसे उछालने से कोई फायदा नहीं होगा।
आईटी कंपनी में धर्म परिवर्तन का प्रयास
नासिक के प्रभारी मंत्री गिरीश महाजन का कहना है कि एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में न सिर्फ लड़कियों का शोषण हुआ है, बल्कि उन्हें गोमांस खिलाकर एवं नमाज पढ़ने के लिए बाध्य कर उनके धर्म परिवर्तन का भी प्रयास किया गया।
इसलिए इस मामले की जांच कर रही एसआईटी को इस बात की जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं कि कहीं ऐसा ही कोई प्रयास आसपास चल रही कुछ और कंपनियों में भी तो नहीं हो रहा है।
एसआईटी ने एक वॉट्सऐप नंबर जारी कर लोगों से अपील की है कि यदि किसी और के साथ लैंगिक शोषण या धर्मांतरण के प्रयास जैसी कोई घटना हुई हो, तो वे बिना डरे उस नंबर पर सूचना दे सकते हैं। इस मामले में अब तक एचआर मैनेजर सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
- Legend News

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