कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि जब उनकी पार्टी सत्ता में आएगी तो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में 'भेदभावपूर्ण व्यवस्था' को खत्म कर देगी।
सीआरपीएफ के शौर्य दिवस पर एक लंबे-चौड़े एक्स पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी सरकार आने पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सीएपीएफ के जवानों को शीर्ष पद पर जाने का भी अवसर मिले। 
सीआरपीएफ शौर्य दिवस पर जवानों को दी बधाई
उन्होंने सीआरपीएफ शौर्य दिवस पर जवानों के साहस और वीरता के लिए उन्हें बधाई और सम्मान दिया है। 
सीएपीएफ के शीर्ष पद वाले विवाद का मुद्दा उठाया
इसके बाद उन्होंने लिखा है कि सालों की सेवा, त्याग और तपस्या के बाद भी सीएपीएफ जवानों को वक्त पर प्रमोशन नहीं दिया जाता। न ही उन्हें अपने फोर्स की लीडरशिप दी जाती है, 'क्योंकि शीर्ष पद फोर्स से बाहर के लोगों के लिए आरक्षित हैं।' 
सीएपीएफ में कौन-कौन से फोर्स शामिल हैं
सीएपीएफ के तहत देश के सात विशिष्ट अर्धसैनिक बल शामिल हैं।
यह सारे फोर्स गृह मंत्रालय के अधीन काम करते हैं।
इनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनएसजी और असम राइफल्स शामिल हैं।
इनके पास सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और देश में कानून और व्यवस्था जैसी जिम्मेदारियां भी होती हैं।
संसद से बिल पारित होने का बाद टिप्पणी
राहुल गांधी का यह बयान संसद से सीएपीएफ को संचालित करने के लिए एक यूनिफाइड लीगर फ्रेमवर्क बनाने वाले बिल को मंजूरी दिए जाने के बाद आई है।
यह फ्रेमवर्क मौजूदा व्यवस्था को बदलने के लिए लाया गया है, जिसमें केंद्रीय बलों के लिए अलग-अलग सर्विस रूल हैं।
कई विपक्षी सदस्यों की कहना था कि विधेयक को संसद की संयुक्त समिति में विस्तार से विचार के लिए भेजा जाना चाहिए।
उनकी दलील थी कि नए कानून फ्रेमवर्क तैयार करने से पहले जवानों और उनके अधिकारियों से भी संपर्क किया जाना चाहिए। 
-Legend News

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