कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात के लोगों को लेकर दिए गए अपने विवादास्पद बयान पर अब सफाई पेश की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट साझा करते हुए अपने शब्दों पर खेद व्यक्त किया है। खरगे ने कहा कि उनके बयान को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया और उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। 
क्या था मल्लिकार्जुन खरगे का बयान?
यह पूरा विवाद केरल के इडुक्की में एक चुनावी रैली के दौरान शुरू हुआ। रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने केरल के लोगों की तुलना गुजरात से कर दी थी। उन्होंने कहा था, "केरल के लोग बहुत समझदार और शिक्षित हैं, उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता। मोदी जी और मुख्यमंत्री विजयन, आप गुजरात या अन्य जगहों के अनपढ़ लोगों को मूर्ख बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को नहीं।" उनके इस बयान के बाद सियासत गरमा गई।
भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला
खरगे के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मोर्चा खोल दिया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे करोड़ों गुजरातियों का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक हताशा में बार-बार गुजरात को निशाना बना रही है। संघवी ने याद दिलाया कि गुजरात ने महात्मा गांधी, सरदार पटेल और पीएम मोदी जैसे महान नेता दिए हैं, ऐसे में वहां के लोगों को अनपढ़ कहना निंदनीय है।
खरगे ने सफाई में क्या कहा?
विवाद बढ़ता देख मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने लिखा, "केरल में मेरे हालिया चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों की जानबूझकर गलत व्याख्या की जा रही है। फिर भी, मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूँ। मेरा मकसद कभी भी गुजरात के लोगों की भावनाओं को आहत करना नहीं था। मेरे मन में उनके लिए हमेशा सर्वोच्च सम्मान रहा है और रहेगा।" 
चुनाव पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस तरह का बयान कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस विभाजनकारी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि केरल के मतदाता इस तरह के अपमानजनक बयानों का जवाब आने वाले चुनाव में बैलट बॉक्स के जरिए देंगे। 
-Legend News

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