मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 1.91 करोड़ विद्यार्थियों के लिए यूनिफार्म व जूता-मोजा इत्यादि खरीदने के लिए अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 1,200 रुपए की धनराशि हस्तांतरित की। लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में योगी ने कहा कि छह वर्ष पहले परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही थी। संसाधन न होने के कारण अभिभावक उन्हें इन स्कूलों में नहीं भेजते थे और बच्चे भी आने से डरते थे। 
स्कूलों की छतों पर पेड़ और झाड़ियां उगी रहती थी, संसाधनों की काफी कमी थी। अब कायाकल्प अभियान के माध्यम से इन विद्यालयों को चमकाया गया है। ऐसे में पिछले छह वर्षों में 60 लाख विद्यार्थी इन स्कूलों में बढ़े हैं। अब इसी तर्ज पर माध्यमिक स्कूलों और संस्कृत स्कूलों की भी सूरत सुधारने के लिए आपरेशन कायाकल्प टू जल्द शुरू किया जाएगा।
राज्य सरकार के साथ-साथ कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत विभिन्न कंपनियों व पुरातन छात्रों की मदद से जिस तरह परिषदीय स्कूलों के भवनों को बेहतर बनाया गया है उसी तरह माध्यमिक स्कूलों के भवनों का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा। योगी ने कहा कि यह सब कुछ छह वर्ष पूर्व भी किया जा सकता था, मगर इच्छाशक्ति की कमी थी।
परिषदीय और माध्यमिक स्कूलों में कुल 1.64 लाख शिक्षकों की भर्ती की गई ताकि गुणवत्ता परक शिक्षा दी जा सके। उन्होंने कहा कि ड्राप आउट बच्चों को स्कूल लाने के लिए शिक्षक सीधे अभिभावकों से संवाद करें और उन्हें बच्चा स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें। योगी ने कहा कि आज परिषदीय स्कूलों से लेकर माध्यमिक स्कूलों तक परिवर्तन हर जगह दिख रहा है।
कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 76000 छात्रों को 1,100 रुपए की छात्रवृत्ति, इंटर कालेज तक उच्चीकृत किए गए 125 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के भवनों और 20 जिलों के शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में बनाए गए अतिरिक्त कक्षा कक्ष व आ डिटोरियम का भी उन्होंने लोकार्पण किया। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह भी मौजूद रहे।
Compiled: Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).