नई द‍िल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 7 साल बाद भारत पहुंच गए हैं. नई दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया. इस दौरे की सबसे खास बात यह है कि 2020 की गलवान झड़प के बाद आज शाम पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण सीमा विवाद सुलझाने और 155 अरब डॉलर के मौजूदा व्यापार में बेहतर संतुलन बनाने पर जोर दिया जा सकता है. क्या BRICS के इस बड़े मंच से दिल्ली और बीजिंग के बीच सालों से जमी बर्फ पिघलेगी?

जिनपिंग के पहुंचने से पहले कंट्रोल में ले लिया जाता है इलाका
शी जिनपिंग की सुरक्षा की सबसे अहम बात है कि खतरा सामने आने का इंतजार नहीं, बल्कि जिनपिंग के पहुंचने से पहले ही पूरे इलाके, रूट, होटल और संभावित खतरे को न्यूट्रलाइज कर दिया जाता है। शी जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ उनके आसपास तैनात सुरक्षाकर्मियों तक सीमित नहीं रहती, उनकी सुरक्षा में इलाके को कंट्रोल में लेना, पहले से सुरक्षा ऑडिट, टेक्निकल सर्विलांस और विशेष सुरक्षा वाहनों का इस्तेमाल शामिल होता है।

- Legend News

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