रिपोर्ट : LegendNews
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: अदालत ने 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेजे तीनों आरोपी
पश्चिम बंगाल की एक अदालत ने सोमवार को चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। चंद्रनाथ रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे। पुलिस ने इस हत्याकांड के सिलसिले में तीन आरोपियों मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को गिरफ्तार किया था। इन सभी को सोमवार को अदालत में पेश किया गया था।
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण सुराग लगा था। निवेदिता सेतु पर एक टोल प्लाजा पर किए गए यूपीआई भुगतान ने पुलिस को हत्या के तीन संदिग्धों तक पहुंचने में मदद की है। इन आरोपियों को उत्तर प्रदेश और बिहार से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस साजिश और हत्या में कम से कम आठ लोग शामिल थे।
दो संदिग्ध बिहार, एक यूपी से गिरफ्तार
इस हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य के रूप में हुई है, जिन्हें बिहार के बक्सर से पकड़ा गया है। वहीं, तीसरा संदिग्ध राज सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया से हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों से पहले मध्यग्राम पुलिस स्टेशन में पूछताछ की गई, इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
कैसे हुई थी चंद्रनाथ रथ की हत्या?
भारतीय वायु सेना के पूर्व कर्मी और शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की छह मई की देर रात मध्यग्राम के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस हत्या ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी, क्योंकि रथ शुभेंदु अधिकारी के करीबी माने जाते थे।
यूपीआई भुगतान की जांच में निर्णायक भूमिका
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सुराग निवेदिता सेतु पर एक टोल प्लाजा पर किए गए यूपीआई भुगतान से मिला। पुलिस ने बताया कि हत्या से कुछ समय पहले, संदिग्धों द्वारा इस्तेमाल की गई भागने वाली कार के एक यात्री ने नकद या फास्टैग के बजाय डिजिटल रूप से टोल का भुगतान किया। इस डिजिटल भुगतान ने जांचकर्ताओं को एक मोबाइल नंबर का पता लगाने में मदद की, जो सीधे आरोपियों से जुड़ा था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस टीमों को उत्तर प्रदेश और बिहार तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने यह भी बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई सिल्वर रंग की हैचबैक को कथित तौर पर झारखंड से खरीदा गया था। इसके अलावा, हमले में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं, जिनके नंबर प्लेट नकली होने का संदेह है।
-Legend News

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