'फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन अमेंडमेंट' बिल (FCRA Bill) को लेकर घमासान के बीच केंद्र सरकार लगातार रणनीतिक तैयारी में जुटी है। इसी के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अमित शाह आज ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों से  मिलेंगे। इस बैठक में 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट' में प्रस्तावित संशोधनों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। ऐसी संभावना है कि सरकार शुक्रवार को राज्यसभा में ये बिल पेश कर सकती है।
अमित शाह के बैठक का क्या है एजेंडा
अमित शाह के नेतृत्व में माइनॉरिटी कम्यूनिटी के साथ ये बड़ी बैठक ऐसे समय में हो रही है जब केंद्र सरकार संसद के मौजूदा सत्र में FCRA बिल को पास कराने की कोशिश कर रही है। अगर यह बिल सदन में चर्चा के लिए लाया जाता है, तो गृह मंत्री अमित शाह इस पर बहस का जवाब दे सकते हैं या चर्चा में अपनी बात रख सकते हैं। माना जा रहा कि इसी को लेकर इसाई समेत अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों से मिलकर शाह चर्चा करेंगे। उनकी चिंताओं और सवालों को समझेंगे। 
क्यों सुर्खियों में FCRA बिल
FCRA बिल ही नहीं परिसीमन बिल का भी मुद्दा सुर्खियों में है। हालांकि, सूत्रों का कहना यही है कि सरकार इसके लिए सत्र की अवधि बढ़ाने या विशेष बैठक बुलाने की अभी कोई योजना नहीं बना रही है। लेकिन सरकार FCRA 2010 में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दिलाने के लिए एक्शन मोड पर है। यह कानून भारत में व्यक्तियों, संगठनों और कंपनियों की ओर से विदेशी फंड लेने और उसके इस्तेमाल को नियंत्रित करता है। यह बिल 25 मार्च, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था। सूत्रों का कहना है कि अगर इस बिल पर चर्चा होती है, तो गृह मंत्री अमित शाह बहस का जवाब दे सकते हैं। 
FCRA बिल पर घमासान क्यों
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 में सरकार को एक ‘नामित प्राधिकरण’ गठित करने का अधिकार देने का प्रस्ताव है।
यह प्राधिकरण उन मामलों में विदेशी फंड और उससे निर्मित परिसंपत्तियों का प्रबंधन अपने हाथ में ले सकेगा, जब किसी संगठन का एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाए। या वह स्वेच्छा से रजिस्ट्रेशन छोड़ दे या नवीनीकरण नहीं होने के कारण समाप्त हो जाए।
बिल में यह भी प्रावधान है कि यदि संबंधित परिसंपत्ति कोई पूजा स्थल है, तो नामित प्राधिकरण उसके धार्मिक स्वरूप को बनाए रखना सुनिश्चित करेगा।
इसमें नियमों के उल्लंघन पर अधिकतम सजा भी पांच वर्ष के कारावास से घटाकर एक वर्ष करने का प्रस्ताव किया गया है।
गृह मंत्रालय के अनुसार 2019 से 2022 के बीच 13,520 संगठनों को विदेशी अंशदान के रूप में 55,741 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
एफसीआरए पोर्टल के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक 14,449 संगठनों के एफसीआरए प्रमाणपत्र सक्रिय थे, जबकि 22,498 प्रमाणपत्र रद्द किए जा चुके थे और 15,212 प्रमाणपत्रों की अवधि समाप्त मानी गई थी।
-Legend News

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).