रिपोर्ट : LegendNews
डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल में 'सेंटर फॉर अननोन एंड रेयर आई डिसऑर्डर्स' का उद्घाटन
नई दिल्ली। दुर्लभ नेत्र रोगों से पीड़ित मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल (SCEH) ने आज सेंटर फॉर अननोन एंड रेयर आई डिसऑर्डर्स (CURED) का उद्घाटन किया। यह समर्पित केंद्र दुर्लभ नेत्र रोगों के शीघ्र एवं सटीक निदान, दीर्घकालिक उपचार तथा नेत्र आनुवंशिकी (Ophthalmic Genetics) के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
इस केंद्र का उद्घाटन अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ के नेत्र विज्ञान एवं दृश्य विज्ञान विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. टेरी एल. यंग, एमडी, एमबीए ने भारत यात्रा के दौरान किया।
दुर्लभ नेत्र रोगों से ग्रसित हजारों मरीजों के लिए सही निदान तक पहुंचने में वर्षों लग जाते हैं। अनेक मरीज कई अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाने के बावजूद समय पर सही जानकारी प्राप्त नहीं कर पाते और कई मामलों में तब तक दृष्टि की अपूरणीय क्षति हो चुकी होती है। CURED की स्थापना इसी चुनौती का समाधान प्रस्तुत करती है। यह केंद्र मरीजों को निदान से लेकर आजीवन उपचार तक एक समन्वित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराएगा।जिसमें विशेषज्ञ आनुवंशिक परामर्श, बहु-विषयक उपचार तथा अनुसंधान में भागीदारी के अवसर भी शामिल होंगे।
एक दूरदर्शी पहल का साकार रूप CURED की स्थापना वर्ष 2024 में वेलक्स स्टिफ्टुंग (Velux Stiftung) स्विट्ज़रलैंड द्वारा प्रदान किए गए एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी अनुदान (Grant) के माध्यम से संभव हुई। इस अनुदान के तहत भारत के पहले व्यापक सेंटर फॉर अननोन एंड रेयर आई डिसऑर्डर्स की स्थापना की गई।
इस अनुदान से विशेष क्लिनिकल सुविधाओं, रोगी रजिस्ट्री, बायोबैंक, आनुवंशिक परामर्श सेवाओं तथा सहयोगात्मक अनुसंधान कार्यक्रमों का विकास किया गया है। जो दुर्लभ नेत्र रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगे।
दुर्लभ नेत्र रोगों पर विशेष ध्यान क्यों आवश्यक है?
यद्यपि प्रत्येक दुर्लभ नेत्र रोग अपेक्षाकृत कम लोगों को प्रभावित करता है। लेकिन सामूहिक रूप से ये बचपन में होने वाले अंधत्व तथा जीवनभर रहने वाली दृष्टि संबंधी अक्षमता का एक प्रमुख कारण हैं। अब तक 900 से अधिक दुर्लभ एवं वंशानुगत नेत्र रोगों की पहचान की जा चुकी है। जिनमें अधिकांश का संबंध आनुवंशिक कारणों से है।
समय पर निदान केवल रोग की पहचान के लिए ही नहीं बल्कि उचित उपचार, सटीक आनुवंशिक परामर्श तथा उभरती हुई नई उपचार पद्धतियों एवं क्लिनिकल ट्रायल्स तक मरीजों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल ने कुछ वर्ष पूर्व अपना ऑक्यूलर जेनेटिक्स कार्यक्रम प्रारंभ किया था। तब से यह अस्पताल देशभर के जटिल वंशानुगत नेत्र रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए एक प्रमुख रेफरल केंद्र बन चुका है। CURED की शुरुआत इस यात्रा का अगला महत्वपूर्ण चरण है, जो अस्पताल की करुणामय चिकित्सा सेवा और अत्याधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
क्लिनिकल सेवाओं के अतिरिक्त यह केंद्र चिकित्सकों के प्रशिक्षण, रोगी जागरूकता, जीनोमिक अनुसंधान, रोग रजिस्ट्री तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ावा देगा, जिससे वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों के मरीजों को लाभ मिलेगा।
विशेष अतिथियों के विचार
उद्घाटन समारोह में प्रो. टेरी एल. यंग, एमडी, एमबीए, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, नेत्र विज्ञान एवं दृश्य विज्ञान विभाग, यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ ने कहा कि दुनिया भर में दुर्लभ नेत्र रोगों से पीड़ित मरीजों को सही निदान पाने में वर्षों लग जाते हैं। CURED जैसे केंद्र इस चुनौती को कम करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर सहयोग के नए अवसर भी प्रदान करेंगे। मैं डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल को इस उल्लेखनीय पहल के लिए बधाई देती हूं।जो भारत के मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ वंशानुगत एवं दुर्लभ नेत्र रोगों की वैश्विक समझ को भी समृद्ध करेगी।
डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. उमंग माथुर ने कहा कि हमारा विश्वास है कि प्रत्येक मरीज को चाहे उसका रोग सामान्य हो या दुर्लभ सर्वोत्तम उपचार मिलना चाहिए। CURED हमारी इस प्रतिबद्धता का प्रतीक है कि प्रत्येक परिवार को समय पर सही निदान, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और समन्वित चिकित्सा सेवाएं अपने देश में ही उपलब्ध हों।
डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के निदेशक (इनोवेशन्स) डॉ. वीरेंद्र सिंह सांगवान ने कहा कि नवाचार तभी सार्थक है जब वह मरीजों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाए। नेत्र विज्ञान का भविष्य रोगों की आनुवंशिक एवं आणविक जड़ों को समझने में निहित है। CURED वैज्ञानिक खोजों को बेहतर निदान और भविष्य के प्रभावी उपचारों में परिवर्तित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
भविष्य की दिशा CURED केवल एक नया क्लिनिक नहीं, बल्कि यह एक ऐसी प्रतिबद्धता है। जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दुर्लभ नेत्र रोगों से पीड़ित मरीज अब उपेक्षित न रहें। उन्नत निदान तकनीकों, बहु-विषयक चिकित्सा सेवाओं और सहयोगात्मक अनुसंधान के माध्यम से यह केंद्र मरीजों की निदान यात्रा को कम करने, उपचार के परिणामों में सुधार लाने तथा वंशानुगत नेत्र रोगों की वैश्विक समझ को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
नेत्र आनुवंशिकी के क्षेत्र में हो रहे निरंतर विकास के साथ, डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल का लक्ष्य CURED को एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (National Centre of Excellence) के रूप में स्थापित करना है, जो नवाचार को बढ़ावा देगा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करेगा तथा भारत और विश्वभर में दुर्लभ नेत्र रोगों से प्रभावित मरीजों एवं उनके परिवारों के लिए नई आशा का केंद्र बनेगा।
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