CBSE ने इस साल 12वीं की कॉपियां OSM सिस्टम से चेक की थी. वहीं इस साल 12वीं के रिजल्ट में गिरावट दर्ज की गई है. स्टूडेंट्स आरोप लगा रहे हैं कि OSM की वजह से रिजल्ट में गिरावट दर्ज की गई है. इस बीच सामने आया है कि सीबीएसई का OSM ट्रायल में ही फेल हो गया था.

दिल्ली के 5 स्कूलों में हुआ था ट्रायल
सीबीएसई ने इस बार 12वीं की कॉपियां OSM के तहत डिजिटल चेक की थी. इस सिस्टम को सीबीएसई ने OSM नाम दिया है. सीबीएसई ने इसे लागू करने से पहले जनवरी 2026 में दिल्ली के 5 प्रमुख स्कूलों में तीन दिन इसका ट्रायल किया था. इस ट्रायल में दिल्ली के प्राइवेट, सरकारी स्कूलों समेत, केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था. इसके साथ हीप्राचार्यों, परीक्षकों, अतिरिक्त मुख्य परीक्षकों (AHE) और विषय विशेषज्ञों को पहले OSM प्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया और फिर उनसे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया गया.

हालांकि जून 2025 की गवर्निंग बॉडी बैठक के मिनट्स के अनुसार सदस्यों ने सुझाव दिया था कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) को देशभर में लागू करने से पहले विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में अलग-अलग विषयों पर पायलट परियोजनाएं होनी चाहिए.

तीन दिन तक गड़बड़ी नहीं की जा सकी थीं दूर
मीड‍िया र‍िपोर्ट के अनुसार सीबीएसई OSM ट्रायल के दौरान प्रतिभागियों के सामने कई गड़बड़ियां सामने आई तो वहीं कई गंभीर समस्याओं की पहचान की गई. सबसे चिंताजनक बात यह रही कि पहले दिन सामने आई कई तकनीकी खामियां तीन दिन के ट्रायल के अंत तक भी दूर नहीं हो सकीं.

सूत्रों के अनुसार, ट्रायल के बाद तैयार दूसरी रिपोर्ट में कम से कम 36 तकनीकी, संचालन संबंधी और मूल्यांकन संबंधी चिंताएं दर्ज की गई थीं. 

सीबीएसई 12वीं OSM सिस्टम के ट्रायल के दौरान सामने आईं ये खामियां

अतिरिक्त मुख्य परीक्षक (AHE) की तरफ से बढ़ाए गए नंबर सिस्टम में बढ़ने के बजाय घटे हुए दिखाई दे रहे थे.
स्क्रीन पर दिखने वाले नंबर कई बार आधिकारिक मार्किंग स्कीम से मेल नहीं खा रहे थे.
कुछ सवालों के कई सेक्शन होने के बावजूद केवल एक सेक्शन के नंबर ही दिखाई दे रहे थे.
MCQ में या तो एक नंबर होना चाहिए या फिर जीरो, लेकिन OSM सिस्टम 0.5 नंबर भी दे रहा था.
OSM सिस्टम कुछ मामलों में 0.5 नंबर देने के लिए मजबूर कर रहा था, जबकि मार्किंग स्कीम इसकी अनुमति नहीं देती थी.
Undo बटन इस्तेमाल करने पर प्लेटफॉर्म बार-बार फ्रीज या हैंग हो रहा था.
कई निर्धारित अंक मूल्यांकन इंटरफेस में दिखाई ही नहीं दे रहे थे.
मूल्यांकन करते समय ऑटोसेव नहीं हो रहा था,परीक्षक खाली पन्नों और बिना उत्तर वाले प्रश्नों पर भी अंक दर्ज कर पा रहे थे.

देशभर से स्टूडेंट्स ने बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराईं
सीबीएसई ने 13 मई को 12वीं का रिजल्ट जारी किया था. रिजल्ट जारी होने के बाद देशभर से स्टूडेंट्स ने बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराईं.कई स्टूडेंट्स आरोप था कि उनके उत्तरों की जांच पूरी नहीं हुई.कुछ ने आरोप लगाया कि उनके उत्तरों को आंशिक रूप से जांचा गया. तो वहींएक ही तरह के उत्तरों को अलग-अलग नंबर देने,स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं धुंधली होने जैसी शिकायतें स्टूडेंट्स कर रहे हैं.
- Legend News

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