कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के प्रतिनिधियों द्वारा "शौर्य जागरण यात्रा" आयोजित करने के लिए दायर याचिका को अनुमति दे दी, जो पश्चिम बंगाल के लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदान के बारे में बताएगी। जस्टिस जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने याचिकाकर्ताओं को प्रस्तावित यात्रा के लिए मार्ग का स्पष्ट रूप से सीमांकन करते हुए पूरक हलफनामा दायर करने और राज्य को उसी की अग्रिम प्रति देने का निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ताओं ने राज्य पुलिस द्वारा उन्हें रैली आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार करने को चुनौती दी थी, जबकि अन्य रिट याचिका में समन्वय पीठ द्वारा इसी तरह की रैली की अनुमति दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने यह भी प्रस्तुत किया कि यात्रा शांतिपूर्ण होगी और कोई हथियार नहीं लहराया जाएगा। साथ ही स्पष्ट रूप से सीमांकित और पूर्व नियोजित मार्ग पर केवल मामूली लोग ही एकत्र होंगे। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि यात्रा हिंदू धर्म से संबंधित विभिन्न मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाएगी और "उन स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करेगी, जिन्होंने हिंदू धर्म और हिंदू संस्कृति की रक्षा करते हुए देश के लिए अपना जीवन लगा दिया।"

राज्य के एडवोकेट जनरल ने पहले प्रस्तुत किया कि रैली को "कुछ उल्लंघनों" के कारण रोकना पड़ा था। बेंच ने याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत रूट मैप के साथ-साथ यात्रा के संचालन के तौर-तरीकों से संबंधित उनके विस्तृत प्रस्ताव पर गौर किया। तदनुसार प्रार्थना की अनुमति दी। साथ ही राज्य के अधिकारियों को किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोकने के लिए क्षेत्र पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व एडवोकेट फ़िरोज़ एडुल्जी और अनामिका पांडे ने किया।

- Legend News

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