देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर खेमेबंदी शुरू हो गई है। रविवार को बीएसपी के पूर्व कद्दावर नेता और मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने जैसे ही समाजवादी पार्टी का दामन थामा, बहुजन समाज पार्टी ने भी अगले ही दिन संगठन में बड़ा फेरबदल कर दिया। इस फेरबदल के तहत मायावती ने जहां अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ का पार्टी में कद बढ़ा दिया है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दो मुस्लिम नेताओं को नई जिम्मेदारियों के साथ उतार दिया है।
बीएसपी की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पार्टी के बड़े नेता नौशाद अली को चार अहम मंडलों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। नौशाद अली अब मेरठ, आगरा, लखनऊ और कानपुर मंडल का कार्यभार संभालेंगे। इसके साथ ही पार्टी नेता जाफर मलिक को सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। 
अशोक सिद्धार्थ दिल्ली सहित 4 राज्यों के प्रभारी
दूसरी तरफ, बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ का कद भी पार्टी में बढ़ा दिया है। अशोक सिद्धार्थ अब दिल्ली, छत्तीसगढ़, गुजरात और केरल के प्रभारी बना दिए गए हैं। दूसरे मायनों में देखा जाए तो अशोक सिद्धार्थ को सीधे-सीधे बीएसपी की फ्रंट लाइन के नेताओं में सबसे आगे खड़ा कर दिया गया है। पहले यह जिम्मेदारी रामजी गौतम के पास थी। 
क्या हैं बीएसपी में फेरबदल के मायने
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर पैनी नजर रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार सैयद कासिम बताते हैं कि संगठन में फेरबदल कर मायावती ने अपने कैडर को एक साफ और बड़ा संदेश दे दिया है। विधानसभा और पंचायत चुनाव से ठीक पहले किया गया ये फेरबदल एक इशारा है कि पार्टी में पुराने, समर्पित और वफादार नेताओं को ही तवज्जो मिलेगी। 
उनका कहना है कि बीएसपी की ताकत हमेशा से उसके कार्यकर्ता रहे हैं और ये फेरबदल उसका उदाहरण है। मायावती का पूरा फोकस अब अपने कैडर को चुनावी मोड में लाने पर है। मेरठ, आगरा, लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ जैसे अहम मंडलों की जिम्मेदारी मुस्लिम चेहरों को देकर मायावती ने अपने पुराने फॉर्मूले दलित-मुस्लिम गठजोड़ को भी आगे रखने की रणनीति अपनाई है। 
उत्तराखंड की कमान मुनकाद अली को
इनके अलावा उत्तराखंड के केंद्रीय और स्थानीय प्रदेश प्रभारी के तौर पर मुनकाद अली, गिरीश चंद्र जाटव और आदेश कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें मुनकाद अली और आदेश कुमार आपस में काम का बंटवारा कर पूरे उत्तराखंड का कार्यभार देखेंगे। वहीं, गिरीश चंद्र जाटव के पास केवल नैनीताल और अल्मोड़ा लोकसभा का जिम्मा रहेगा। 
-Legend News

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