रिपोर्ट : LegendNews
ब्रिटेन की खालिस्तानियों को चेतावनी, भारतीय मिशन पर कोई भी हमला बर्दाश्त नहीं
खालिस्तान समर्थक तत्वों द्वारा आठ जुलाई को लंदन में भारतीय उच्चायोग तक तथाकथित ‘किल इंडिया’ रैली निकालने की कथित योजना की पृष्ठभूमि में ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने गुरुवार को कहा कि मिशन पर कोई भी हमला ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ है. ब्रिटेन की सरकार ने ‘किसी भी तरह के सीधे हमले’ की कड़ी निंदा की. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने कहा, ‘लंदन में भारतीय उच्चायोग पर कोई भी सीधा हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है.’ उन्होंने कहा, ‘हमने विक्रम दोराईस्वामी और भारत सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि उच्चायोग में कर्मचारियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है.’
यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब खालिस्तानी चरमपंथियों ने सोशल मीडिया मंचों पर भारत विरोधी हमले शुरू कर दिए हैं. ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली ने ट्विटर पर घोषणा के माध्यम से देश में भारत के राजनयिक मिशन के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त किया है. ये टिप्पणियां अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में भारतीय राजनयिक मिशनों को निशाना बनाने वाली धमकियों और हमलों के साथ-साथ ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दुरईस्वामी और बर्मिंघम में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. शशांक विक्रम की तस्वीरों वाले खतरनाक पोस्टरों के ऑनलाइन वायरल किए जाने के जवाब में आई हैं.
ब्रिटेन ने भारतीय दूतावास की सुरक्षा का दिया भरोसा
जेम्स क्लेवरली कहा, ‘हमने विक्रम दुरईस्वामी और भारत सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि उच्चायोग में कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा मार्च में भारतीय तिरंगा गिराने की कोशिश करने और खिड़कियां तोड़ने की कोशिश के बाद से मध्य लंदन में इंडिया हाउस में मेट्रोपॉलिटन पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था है. उन्होंने कहा, ‘ब्रिटिश सरकार भारतीय उच्चायोग में सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ काम करेगी, और अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बदलाव करेगी.’
कट्टरपंथी, चरमपंथी खालिस्तानी विचारधारा को बताया गलत
क्लेवरली का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा भारतीय दूतों और वरिष्ठ राजनयिकों को धमकियां दी जा रही हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा था कि ‘कट्टरपंथी, चरमपंथी खालिस्तानी विचारधारा’ भारत या अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे उसके साझेदार देशों के लिए अच्छी नहीं है.
खालिस्तानियों को कहीं पनाह न देने की अपील
उन्होंने कहा, ‘हमने कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे अपने साझेदार देशों से पहले ही अनुरोध किया है कि वे खालिस्तानियों को जगह न दें, जहां कभी-कभी खालिस्तानी गतिविधियां होती हैं. क्योंकि उनकी कट्टरपंथी, चरमपंथी सोच न तो हमारे लिए, न ही उनके लिए और न ही हमारे संबंधों के लिए अच्छी है.’ उन्होंने इन देशों में उभरने वाले धमकी भरे पोस्टरों और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास को आगजनी के लिए निशाना बनाए जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा.
8 जुलाई की रैली को लेकर किए ट्वीट
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका में देखे गए पोस्टरों की तरह, 8 जुलाई की रैली के बारे में किए गए ट्वीट में ब्रिटेन में वरिष्ठ भारतीय राजनयिकों को “वैंकूवर में हरदीप सिंह निज्जर के हत्यारों के चेहरे” के रूप में गलत तरीके से संदर्भित किया गया था. खालिस्तान समर्थक ट्विटर अकाउंट ने एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के नेता गुरपतवंत पन्नुन को आतंकवादी घोषित किया गया है और दावा किया गया है कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय देशों में भारतीय राजनयिक निज्जर की हत्या के लिए जिम्मेदार हैं.
Compiled: Legend News

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