पाकिस्तान लंबे समय से अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी समूहों को भारत के जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने की अनुमति देता रहा है। इसी साल अप्रैल में पाकिस्तान के पाले आतंकियों ने जम्मू कश्मीर में बर्बर आतंकी हमले में 26 बेगुनाह लोगों की जान ले ली, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करते हुए कई आतंकियों को खत्म कर दिया। पूरी दुनिया ने इन आतंकी ठिकानों की बर्बादी देखी थी। अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने स्वीकार किया है कि उनका देश भारत के खिलाफ आतंक फैलाने में शामिल रहा है।
द वायर को दिए एक इंटरव्यू में बिलावल भुट्टो ने जरदारी ने कबूल किया कि पाकिस्तानी समूह अतीत में भारत के खिलाफ आतंक में शामिल रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह मानने से इंकार किया कि पाकिस्तान की सरकार इसमें शामिल थी। बिलावल ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान अब बदल गया है और इस्लामाबाद ने इन आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की है। 
पहलगाम हमले में शामिल होने से इंकार
पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर सवाल पर उन्होंने इस बात से इंकार किया कि पाकिस्तान इसमें शामिल था। हमले की जिम्मेदारी लेने वाले द रेजिस्टेंस फ्रंट के बारे में पूछे गए सवालों को बिलावल से सीधा जवाब नहीं देते बना। द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने पहलगाम आतंकी हमले के महज 45 मिनट के अंदर इसकी जिम्मेदारी ली थी। 
अब्दुल रऊफ के सवाल पर बोले बिलावल
बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तान के इस हमले में शामिल होने से इंकार करते हुए कहा कि इस्लामाबाद ने भारत सरकार से विश्वसनीय सबूत की मांग की लेकिन ऐसा एक भी सबूत नहीं दिया गया। जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद मारे गए आतंकियों के जनाजे में आतंकी कमांडर अब्दुल रऊफ से साथ सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर सवाल पूछा गया तो वे सवाल को टाल गए। 
-Legend News

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