रिपोर्ट : LegendNews
बड़ा एलान: फरवरी के अंत तक भारत में शुरू हो सकता है कमर्शियल चिप प्रोडक्शन
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की शुरुआत आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो गई है. इस समिट के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि देश अब अपने पहले कमर्शियल स्तर पर चिप प्रोडक्शन के काफी करीब पहुंच चुका है. यानी बहुत जल्द भारत में बड़े पैमाने पर चिप बनना शुरू हो सकता है.
ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक कृष्णन ने कहा कि संभव है इस महीने के आखिर तक 10 मंजूर किए गए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में से पहले प्रोजेक्ट का उद्घाटन हो जाए. माइक्रोन अपनी भारत वाली फैक्ट्री में प्रोडक्शन शुरू करने जा रही है. यह भारत में सेमीकंडक्टर का पहला कमर्शियल स्तर पर होने वाला उत्पादन होगा.
माइक्रोन टेक्नोलॉजी रहेगी चर्चा में
India Semiconductor Mission (ISM) के तहत जिन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, उनमें अमेरिका की कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) खास चर्चा में रहने वाली है. यह कंपनी हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) बनाएगी, जो आजकल एडवांस्ड AI सिस्टम्स के लिए बहुत जरूरी पार्ट बन चुकी है.
कृष्णन ने कहा कि आगे चलकर कंपनी हाई-बैंडविड्थ मेमोरी पर भी काम करेगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए काफी अजरूरी हम है. दुनियाभर में AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में अगर भारत में ही इसका उत्पादन शुरू हो जाता है, तो देश को बाहर से आयात पर कम निर्भर रहना पड़ेगा और टेक्नोलॉजी के मामले में आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी.
भारत और सेमीकंडक्टर मिशन
सरकार ने यूनियन बजट में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान कर दिया है. इससे साफ संकेत मिलता है कि देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग को आगे भी पूरा समर्थन मिलता रहेगा. इस नए चरण का एक बड़ा लक्ष्य है कि भारत में ही AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े खास चिप्स डिजाइन किए जाएं. आईटी सचिव एस. कृष्णन ने भी साफ कहा कि ये कोई छोटे समय की योजना नहीं है, बल्कि भारत को अपना ‘स्वदेशी AI सिस्टम’ तैयार करना है, ताकि हम टेक्नोलॉजी के मामले में किसी और पर डिपेंड न रहें.
दिलचस्प बात ये है कि भारत AI इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में थोड़ा अलग रास्ता अपना रहा है. सरकार सीधे-सीधे बड़े डेटा सेंटर बनाने पर पैसा खर्च करने के बजाय लोगों और कंपनियों को सस्ती दरों पर AI कंप्यूटिंग की सुविधा देने पर जोर दे रही है. जैसा कि कृष्णन ने कहा, सरकार का फोकस डेटा सेंटर बनाने से ज्यादा AI कंप्यूटिंग तक आसान और किफायती पहुंच देने पर है.
-Legend News

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