ईरान के साथ मचे घमासान के बीच दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका की पोल खुलती नजर आ रही है. डोनाल्ड ट्रंप के बड़े-बड़े दावे और वादे एक के बाद एक फुस्स साबित हो रहे हैं. अब जब ये जंग अपने अंजाम की ओर बढ़ रही है तब ट्रंप की साख पर एक बार फिर बट्टा लगा है. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि ट्रंप को अपनी बदनामी की फिक्र नहीं है, क्योंकि उन्होंने इसका ‘ठीकरा’ फोड़ने के लिए पहले ही एक ‘बकरा’ ढूंढ लिया है और वो बकरा है पाकिस्तान. मशहूर रणनीतिकार ब्रह्म चेलानी ने व्हाइट हाउस के अंदरखाने की वो प्लानिंग खोल दी है, जिसे सुनकर पाकिस्तान के होश उड़ सकते हैं.
ब्रह्म चेलानी खोली ट्रंप की पोल
मशहूर रणनीतिक विश्लेषक डॉ ब्रह्म चेलानी ने एक बड़ा खुलासा किया है. चेलानी के मुताबिक, ‘जब भी ट्रंप अपनी नीतियों से पीछे हटते हैं, वो पाकिस्तान का के कंधे पर बंदू रख देते हैं. 8 अप्रैल को, ट्रंप ने पाकिस्तान की ‘रिक्वेस्ट’ पर ईरान युद्ध में दो सप्ताह के लिए युद्धविराम की घोषणा की. बाद में उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख यानी देश के असली शासक और नाममात्र के प्रधानमंत्री शहबाज के कहने पर युद्धविराम को आगे बढ़ा दिया. अब, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को निकालने के अपने फेल ऑपरेशन को निलंबित करते हुए, उन्होंने फिर से पाकिस्तान और ‘अन्य देशों’ के अनुरोधों का हवाला दिया है, जिनका उन्होंने नाम नहीं बताया’.
ट्रंप का ‘चिकन आउट’: पाकिस्तान बना ट्रंप का सुरक्षा कवच!
ब्रह्म चेलानी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि जब भी डोनाल्ड ट्रंप किसी मोर्चे पर ‘चिकन आउट’ करते हैं यानी डरकर पीछे हटते हैं तो वो पाकिस्तान को अपनी ढाल बना लेते हैं. 
ईरान की सभ्यता मिटा देने वाली धमकी के बाद ट्रंप को खूब आलोचनाएं झेलनी पड़ीं. ट्रंप को पीछे हटना पड़ा तो पाकिस्तान का ही नाम ले लिया. 8 अप्रैल को जब ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध जैसी स्थिति में दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया तो उसका आधार पाकिस्तान की ‘गुजारिश’ को बताया गया. होर्मुज पर ‘आजादी’ मिशन फेल हुआ तब भी ट्रंप ने पाकिस्तान का नाम ले लिया. 
क्या हुई ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ की हालत
हैरानी की बात ये है कि जिस ऑपरेशन फ्रीडम को ट्रंप और उनकी आर्मी जी-जान से प्रमोट कर रही थी, उसमें सफलता के नाम पर कुछ खास हासिल नहीं हुआ. ब्रह्म चेलानी के मुताबिक, ट्रंप के अचानक पीछे हटने से पहले केवल दो जहाज ही होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में सफल रहे थे. इसके बाद ट्रंप ने ‘अन्य अज्ञात देशों’ और पाकिस्तान की अपीलों का नाम लेकर अपने कदम पीछे खींच लिए. 
पाकिस्तान की बेबसी
कंगाल पाकिस्तान, अमेरिका जैसे देशों के आगे बेबस है. ट्रंप को अच्छे से पता है कि वो कुछ भी बोल देंगे पाकिस्तान उसे काट नहीं पाएगा इसीलिए वो जब चाहे इस देश का नाम लेकर अपना उल्लू सीधा कर सकते हैं. पाकिस्तान तो इतना बेबस देश है कि ट्रंप के कहने पर 138 अरब डॉलर के कर्ज में डूबे इस देश ने बोर्ड ऑफ पीस के लिए 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर हर साल देने का ऐलान कर दिया था. 
-Legend News

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