रिपोर्ट : LegendNews
बांग्लादेश के मंत्री का बयान: अल्पसंख्यकों पर हमला हुआ तो इस्तीफा दे दूंगा
बांग्लादेश के धार्मिक मामलों के मंत्री काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद ने कहा है कि वे अल्पसंख्यकों पर किसी भी तरह के जुल्म के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएंगे। उन्होंने कहा 'अगर जरूरत पड़ी तो वे अपने मंत्री पद से इस्तीफा भी दे देंगे लेकिन देश में अल्पसंख्यकों या दूसरे धर्मों को मानने वालों के खिलाफ ज़ुल्म, अन्याय या उत्पीड़न बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।' बांग्लादेशी मंत्री ने ये बातें बांग्लादेश सेक्रेटेरिएट रिपोर्टर्स फोरम (BSRF) की तरफ से आयोजित एक चर्चा के दौरान कहीं। यह फोरम सेक्रेटेरिएट की खबरें कवर करने वाले पत्रकारों का एक संगठन है। यह कार्यक्रम सोमवार को सेक्रेटेरिएट के मीडिया सेंटर में आयोजित किया गया था।
काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद का ये बयान उस वक्त आया है जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद देश में हिंदुओं को धमकियां दी जा रही हैं। बांग्लादेश में पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों को लेकर रैलियां निकाली जा रही हैं और चेतावनी दी जा रही है कि 'अगर बंगाल में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा होती है तो बांग्लादेश में भी हिंदू सुरक्षित नहीं रहेंगे।' एक सवाल का जवाब देते हुए काज़ी शाह मोफ़ज़्ज़ल हुसैन ने कहा कि 'भारत एक विशाल देश है और वह इसका सम्मान करते हैं क्योंकि यह लोकतंत्र को बनाए रखता है।'
अल्पसंख्यकों से हिंसा बर्दाश्त नहीं
हालांकि इस दौरान बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि 'अगर भारत अल्पसंख्यकों को अपना ले उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे और उन्हें अपनी आबादी का एक अभिन्न अंग मानते हुए समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान करे तो वह भारत का और भी अधिक सम्मान करेंगे।' धार्मिक मामलों के मंत्री ने आगे कहा "लेकिन मैं एक बात कहना चाहूंगा... भारत में जो कुछ हो रहा है वह मुख्य मुद्दा नहीं है। सिर्फ इसलिए कि भारत में कुछ होता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि बांग्लादेश में भी उसे होने दिया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो मैं मंत्रालय से इस्तीफा दे दूंगा, लेकिन मैं यहां अल्पसंख्यकों या किसी अन्य धर्म के अनुयायियों के खिलाफ किसी भी तरह के उत्पीड़न, अन्याय या अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करूंगा।"
आपको बता दें कि इन सबके बीच बांग्लादेश के कट्टरपंथी मौलाना इनायतुल्लाह अब्बासी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत के बाद हिंदुओं को धमकी दी है। उन्होंने कहा 'अगर पश्चिम बंगाल में मुसलमान सुरक्षित नहीं हैं, तो बांग्लादेश में हिंदुओं को भी सुरक्षित रहने नहीं दिया जाएगा।' इनायतुल्लाह अब्बासी पहले भी भारत और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने के लिए कुख्यात रहे हैं। उन्होंने 2023 में कहा था कि 'बांग्लादेशी मुसलमान नई दिल्ली पर इस्लामिक झंडा फहराएंगे।'
शेख हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश में हिंदू हिंसा के मामले
आपको बता दें कि अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में भयानक इजाफा हुआ है। भारतीय विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2024 से फरवरी 2026 के बीच हिंदू समुदाय के खिलाफ 3,100 से ज्यादा हिंसा के मामले सामने आए हैं। इस दौरान उनके घर, व्यवसाय और पूजा स्थल को निशाना बनाया गया है। भारतीय संसद में दिसंबर 2024 को दी गई एक रिपोर्ट के मुताबिक 4 अगस्त से 8 दिसंबर 2024 के बीच ही 2200 मामले दर्ज किए गए थे।
बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद (BHBCUC) की रिपोर्ट के मुताबिक 4 अगस्त 2024 से 30 जून 2025 के बीच 2,442 सांप्रदायिक हमले दर्ज किए गए। इसमें सामूहिक बलात्कार, घरों-व्यापारों पर कब्जा और जबरन इस्तीफे शामिल थे। वहीं ह्यूमर राइट्स वाच की रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2026 में चुनाव से ठीक पहले हिंसा में फिर तेजी आई और सिर्फ दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 नई घटनाएं और 10 हिंदुओं की हत्याएं दर्ज की गईं। हालांकि तत्कालीन मोहम्मद यूनुस के प्रशासन ने इन घटनाओं को कम करके दिखाने की कोशिश की थी। यूनुस सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में अल्पसंख्यकों के खिलाफ 645 घटनाएं हुईं लेकिन दावा किया था कि सिर्फ 71 घटनाएं सांप्रदायिक थीं जबकि बाकी को उन्होंने जमीनी विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी का आपराधिक मामला बताया है।
-Legend News

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