रिपोर्ट : LegendNews
बांग्लादेश: उस्मान हादी की हत्या पर पुलिस की चार्जशीट इंकलाब मंच ने खारिज की
बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या पर उनके संगठन ने पुलिस की चार्जशीट को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया है.
इंकलाब मंच का कहना है कि इसमें 'सरकारी मशीनरी की भूमिका' छिपाई गई है.
बांग्लादेश के प्रमुख अख़बार 'प्रोथोम आलो' के मुताबिक़ पुलिस ने 17 लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल की है. मुख्य अभियुक्त फ़ैसल करीम मसूद हैं, आरोप है कि हादी पर गोली उन्होंने ही चलाई थी.
‘प्रोथोम आलो’ के मुताबिक़ पुलिस का कहना है कि हत्या राजनीतिक बदला लेने की वजह से हुई है. यह अवामी लीग के पूर्व वार्ड काउंसलर ताइजुल इस्लाम चौधरी बप्पी के इशारे पर की गई.
बप्पी और फ़ैसल दोनों अवामी लीग की स्टूडेंट विंग छात्र लीग से जुड़े थे.
पुलिस ने कहा कि हादी अवामी लीग की आलोचना करते थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया लेकिन इंक़लाब मंच ने इसे मानने से इंकार कर दिया है.
'प्रोथोम आलो' के मुताबिक़ संगठन के मेंबर सेक्रेट्री सचिव अब्दुल्लाह अल ज़ाबेर ने कहा कि सिर्फ़ एक वार्ड काउंसलर के कहने पर इतनी बड़ी हत्या नहीं हो सकती.
उन्होंने कहा, "यह बात कोई मानसिक रूप से विकृत शख़्स भी नहीं मानेगा.''
उनका दावा है कि इसमें एक बड़ा अपराधी गिरोह और 'सरकार की मशीनरी शामिल है.'
ज़ाबेर ने कहा कि जब तक असली दोषियों को सज़ा नहीं मिलेगी, उनका संघर्ष जारी रहेगा.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं हुआ तो लोग ख़ुद फ़ैसला करेंगे.
शरीफ़ उस्मान हादी कौन थे?
32 साल के उस्मान हादी 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ आंदोलन में सक्रिय थे. अगस्त 2024 में शेख़ हसीना सरकार गिर गई थी.
हादी इंक़लाब मंच के प्रवक्ता थे और फ़रवरी 2026 के चुनाव में ढाका से उम्मीदवार बनने वाले थे.
12 दिसंबर 2025 को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान उन पर गोली चलाई गई. सिर में गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए.
सिंगापुर में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. उनकी मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे.
-Legend News

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