रिपोर्ट : LegendNews
बांग्लादेश: BNP नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की ढाका में गोली मारकर हत्या
ढाका। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि कारवां बाजार वैन एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अबू सुफियान मसूद गोलीबारी में घायल हो गए. लोकल मीडिया ने यह जानकारी दी.
मुसब्बिर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की वॉलंटियर विंग, ढाका सिटी नॉर्थ स्वैच्छिक दल के पूर्व जनरल सेक्रेटरी थे. यह घटना बुधवार रात करीब 8:40 बजे राजधानी के बसुंधरा मार्केट के पीछे तेजतुरी बाजार इलाके में हुई, जहां अज्ञात बंदूकधारियों ने उन्हें निशाना बनाकर गोलियां चलाई.
तेजगांव डिवीजन के एडिशनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर (ADC) फजलुल करीम ने मुसब्बिर की मौत की पुष्टि की. उन्होंने कहा, 'स्टार कबाब के बगल वाली गली में दो लोगों को गोली मारी गई. उनमें से मुसब्बिर मारा गया. एक और व्यक्ति को ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भेजा गया.'
रात करीब 8:00 बजे फार्मगेट पार करने के बाद कारवां बाजार में स्टार कबाब के सामने मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोलियां चलाई. गोलियों से मुसब्बिर और अबू सुफियान गंभीर रूप से घायल हो गए. मुसब्बिर को पहले बीआरबी हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई.
द डेली स्टार के मुताबिक मुसब्बिर शाम को शरियतपुर के रहने वालों के एक ग्रुप के साथ सुपर स्टार होटल के पास एक प्रोग्राम में शामिल हुआ था. प्रोग्राम खत्म होने के बाद मुसब्बिर और मसूद पास की एक गली में चल रहे थे तभी दो हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दी और मौके से भाग गए.
मसूद को गोली लगी थी और बाद में उसे इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया. हॉस्पिटल में पुलिस कैंप के इंचार्ज इंस्पेक्टर मोहम्मद फारूक ने बताया कि मसूद के पेट के बाई ओर गोली लगी थी और उसका इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा था.
परिवार के सदस्यों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुसब्बिर ने अवामी लीग के शासन के दौरान काफी समय जेल में बिताया था और राजनीतिक मामलों में कई बार गिरफ्तार किया गया था. शरियतपुर के रहने वाले, वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे और अपने परिवार के साथ वेस्ट कारवां बाजार में गार्डन रोड पर रहते थे.
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने तेजगांव के वार्ड-26 में काउंसलर पोस्ट के लिए बीएनपी के सपोर्ट वाले कैंडिडेट के तौर पर 2020 के सिटी कॉर्पोरेशन चुनाव भी लड़े थे. गोलीबारी के बाद सोनारगांव चौराहे के पास एक ग्रुप ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें लोकल बीएनपी मेंबर भी शामिल थे. हाल के हफ्तों में देश भर में पॉलिटिकल हिंसा बढ़ने की खबरों के बीच, इस घटना ने 12 फरवरी को होने वाले नेशनल इलेक्शन से पहले लॉ एंड ऑर्डर को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.
- Legend News

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