वृन्दावन। रमणरेती रोड स्थित भागवत निवास में ठाकुर श्री गिरींद्र बिहारी ट्रस्ट एवं श्री गौरांग प्रेम संकीर्तन मण्डल (हाथरस) के संयुक्त तत्वाधान में सुदेश कुमार वर्मा (गागा भाई) की सद्प्रेरणा से चल रहे विरक्त वैष्णवाचार्य गौडीय संत, भागवत निवास के पूर्व सेवाध्यक्ष बाबा वनमाली दास महाराज के 21 दिवसीय विरह उत्सव के अन्तर्गत विराट श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।जिसमें अपने विचार व्यक्त करते हुए गौडीय संप्रदाय के प्रकांड विद्वान आचार्य अच्युत लाल भट्ट एवं महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद शास्त्री महाराज ने कहा कि महंत बाबा वनमाली दास महाराज गौडीय संप्रदाय की बहुमूल्य निधि थे।वे परम् वैष्णव व भगवदनिष्ठ सन्त थे।

प्रख्यात साहित्यकार "यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पण्डित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि महंत बाबा वनमाली दास गौ सेवी, सन्त सेवी व विप्र सेवी थे।उन्होंने अपना समूचा जीवन इन्हीं की सेवा में समर्पित किया।

भागवत निवास के अध्यक्ष महंत शुकदेव दास महाराज एवं संत जुगल दास महाराज ने कहा कि महंत बाबा वनमाली दास की भागवत निवास आश्रम के प्रति पूर्ण निष्ठा थी।आश्रम के प्रति उनके समर्पण भाव को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है।

इससे पूर्व महंत बाबा वनमाली दास महाराज के चित्रपट का श्रीहरिनाम संकीर्तन के मध्य पूजन अर्चन किया गया।साथ ही उनकी आरती की गई। इसके अलावा महंतों का सम्मान व सन्त, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा (भंडारा) आदि के कार्यक्रम भी हुए।

सन्त सम्मेलन में महंत केशव दास महाराज (राधाकुंड),  मिथिला कुंज के अध्यक्ष श्रीमहंत किशोरी शरण महाराज, महंत सुन्दरदास महाराज, महंत दशरथ दास महाराज, डॉ. रमेश चंद्राचार्य विधिशास्त्री महाराज, महंत देवानंद महाराज, महंत चन्द्रदास महाराज, अंतरराष्ट्रीय वृद्ध जन सम्मान समिति (रिस्पैक्ट एज) के संस्थापक डॉ. गिरीश गुप्ता, सन्त जुगल दास महाराज, सुभाष चन्द्र शास्त्री, सन्त निधि दास, डॉ. कृष्ण मुरारी  डॉ. राधाकांत शर्मा, परम वैष्णव हेमांग कृष्ण नांगिया, आचार्य ध्रुव कृष्ण शास्त्री,पण्डित राजेश चतुर्वेदी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने किया।

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