2027 वर्ल्ड कप भले ही एक साल दूर हो पर टीमों की तैयारी और टेंशन अभी से बढ़ना शुरु हो चुकी है. अगस्त 2027 वो महीना होगा जब टीमें अपने स्क्वाड को अंतिम रूप देना शुरु कर देंगी. अभी वर्ल्ड कप का जो स्वरूप है उसमें 15 खिलाड़ियों की टीम और 3 रिजर्व खिलाड़ियों के नाम टूर्नामेंट शुरु होने से पहले निर्धारित तारीख तक आसीसी को देने पड़ते है पर इस बार क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से अनुबंधित उनके कोच ने आईसीसी के सामने एक अलग तरह की डिमांड रख दी है.
ऑस्ट्रेलिया की वर्ल्ड कप 2023 विनिंग टीम के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने मांग की है कि 17 खिलाड़ियों को चुनने की परमिशन दी जाए. यानि एक ऐसी डिमांड जो शायद 1975 से शुरु हुए वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार की जाएगी.
कोच का तर्क 
सेन रेडियो से बात करते हुए ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा, अगर ये सबसे बड़ा इवेंट होने वाला है तो टीम का साइज कैसा होगा? पिछले वर्ल्ड कप में 15 प्लेयर्स को चुनने में हमारे सामने कई दुविधा थी, न्यूजीलैंड भी उसी स्थिति में था और उनके भी कई प्लेयर्स चोटिल थे. टूर्नामेंट के शुरुआत में सिर्फ 12-13 प्लेयर्स में खिला सकते हैं, ताकि दूसरे प्लेयर्स को आगे खिला सके. आप उस टीम को नहीं खिला पाते, जैसा आप चाहते हो. कई जगहों पर हालात काफी बदल जाते हैं. 2023 में फाइनल तक पहुंची भारत और ऑस्ट्रेलिया को 11 मैच खेलने पड़े थे, लेकिन 2027 में फाइनल समेत 15 मैच तक खेलने पड़ सकते हैं. इनमें से कम से कम 13 मैच तो फाइनल तक हर टीम को ही खेलने पड़ेंगे. इस बार 4 टीमें बढ़ गई हैं. भारत में हुए पिछले संस्करण में 10 टीमें खेली थीं, इस बार टोटल टीमों की संख्या 14 कर दी गई है. इस बार ग्रुप स्टेज के बाद सुपर-7 राउंड भी होगा, फिर सेमीफाइनल होंगे जबकि पहले ग्रुप स्टेज के बाद सीधा सेमीफाइनल होता था. 2027 वर्ल्ड कप में कुल 57 मैच होने है. 
2027 WC के लिए टीम में हो 17 खिलाड़ी, ऑस्ट्रेलिया की ICC से मांग
कोच की बदलती सोच के पीछे कई कारण है जिनमें सबसे बड़ी वजह 2023 वनडे वर्ल्ड कप में ट्रैविस हेड चोटिल होना था , जिस कारण वह शुरुआत में नहीं खेले थे. बाद में वह खेले और फाइनल में एक महत्वपूर्ण पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को चैंपियन बनाया. ऐसी परेशानियों से बचने के लिए उन्होंने मांग की है कि स्क्वॉड में खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने की परमिशन मिलनी चाहिए. मैकडोनाल्ड ने फीफा वर्ल्ड कप का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्क्वॉड का साइज 26 तक होता है, जबकि वहां एक टीम के अधिकतम 8 मैच होते हैं. उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जब आप लगातार मैच खेलते हो तो नहीं चाहते कि ये नुकसानदायक हो. आप फेवरेट खिलाड़ियों के साथ खेलना चाहते हो. स्क्वॉड में प्लेयर्स के नंबर में इजाफा पर बात होनी चाहिए.
कोच का मन्ना है कि अगर स्क्वॉड में ज्यादा प्लेयर्स हों तो आप उन खिलाड़ियों के साथ भी जा सकते हो जो स्टार हैं, लेकिन चोट के कारण उनके खेलने की उम्मीद 50-50 हो. अब गेंद आईसीसी के पाले में है हलांकि क्रिकेट जानकारों की माने तो इस नियम के बदलने की संभावना बहुत कम है. 
-Legend News

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