संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विशेष बैठक में ईरान के प्रतिनिधि ने अमेरिका और इसराइल पर देश में अशांति पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ संयुक्त राष्ट्र में ईरान के उप-स्थायी प्रतिनिधि ग़ुलाम हुसैन दर्ज़ी के भाषण का अधिकांश हिस्सा अमेरिका पर केंद्रित रहा.
दर्ज़ी ने प्रदर्शनकारियों पर 'ख़ूनी कार्रवाई' के अमेरिकी प्रतिनिधि के आरोपों को 'बेबुनियाद' बताया है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में निर्दोष लोगों की हत्या को लेकर चिंतित है, तो उसे मिनेसोटा में 'अधिकारियों के हाथों एक महिला की हत्या' के मामले पर ध्यान देना चाहिए.
ईरानी प्रतिनिधि ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों की दिशा में बदलाव और उसके बाद हुईं 'ख़ूनी घटनाएं इसराइल और अमेरिका के उकसावे का परिणाम' थीं.
ईरान की वर्तमान स्थिति पर अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई थी.
अमेरिकी प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज़ ने ईरान पर मानवाधिकारों के उल्लंघन और "आतंकवादी अभियानों में ईरानी सरकार की भागीदारी" का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ईरान दशकों से अपने प्रॉक्सी समूहों के माध्यम से मध्य पूर्व को अस्थिर कर रहा है.
वाल्ट्ज़ ने कहा कि ईरानी सरकार ने अपनी जनता से अधिक परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को महत्व दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास इस 'जनसंहार' को रोकने के सभी विकल्प खुले हुए हैं और ईरानी अधिकारी इस बात को अच्छी तरह जानते हैं. 
-Legend News

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