भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स के हॉकी प्रतियोगिता के फाइनल में चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीता। भारतीय टीम ने 44 साल बाद स्वर्ण पदक पर कब्जा किया है। एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय महिला हॉकी टीम ने म लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई कर लिया। भारत ने चीन को खिताबी मुकाबले में 1-0 से हराया। 
भारत टीम का एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल तक का सफर
भारतीय टीम ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उसने उज्बेकिस्तान पर 19-0 की जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उसने इंडोनेशिया को 17-1 से और फिर थाईलैंड को 20-1 से हराया। सिंगापुर के खिलाफ पूल बी में अपने आखिरी लीग मैच में भारत ने 7-0 से जीत हासिल करके सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारतीय महिला हॉकी टीम ने बुधवार को दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर आठ साल बाद फाइनल में जगह बनाई थी। भारत ने खिताबी मुकाबले में चीन को 1-0 से हराया। 
ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई
भारतीय महिला हॉकी टीम ने गत चैम्पियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई किया।
भारत ने पहले क्वार्टर में गोल करके बढ़त बनाई है। गोल्ड मैच मुकाबला साढ़े तीन बजे शुरू होना था लेकिन किसी वजह से ये मुकाबला अब 4:15 पर शुरू हुआ। भारतीय टीम का निशाना 44 साल बाद गोल्ड जीतने पर हैं। इससे पहले भारत ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक 1982 में दिल्ली में जीता था, जब महिला हॉकी को पहली बार इन खेलों में शामिल किया गया था। उसके बाद से भारत 1998 और 2018 में फाइनल में पहुंचा लेकिन क्रमश: दक्षिण कोरिया और जापान से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। 
तीसरे क्वार्टर में सलीमा हुईं चोटिल
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे शुक्रवार को चीन के खिलाफ मुकाबले में तीसरे क्वार्टर के दौरान चोटिल हो गईं। उनके हाथ में चोट लगी है और वह फील्ड से बाहर चली गई हैं।
दूसरे क्वार्टर में चीन ने किया अटैक
भारतीय टीम दूसरे क्वार्टर में 1-0 की बढ़त के साथ उतरी थी। हालांकि चीन ने कड़ी टक्कर दी और कई पेनल्टी कार्नर हासिल किए। सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक को बचाया और चीन को पहला गोल करने से रोक दिया।
पहले क्वार्टर में भारत ने बनाई बढ़त
भारत और चीन ने अच्छी शुरुआत की है। छठे मिनट में भारत की बलजीत कौर को ग्रीन कार्ड मिला और वह दो मिनट तक फील्ड से बाहर रहीं। 10वें मिनट में फाइनल में भारत ने पहला गोल किया। लालरेमसियामी ने टीम को बढ़त दिलाई। 
टीम बसों के ट्रैफिक में फंसने से फाइनल में विलंब
भारत और चीन के बीच एशियाई खेल महिला हॉकी फाइनल 45 मिनट विलंब से शुरू होगा क्योंकि टीमों की बसें रास्ते में ट्रैफिक में फंस गई हैं। एक अधिकारी ने बताया कि रास्ते में एक हादसे की वजह से यह जाम लगा है हालांकि इसका टीम बसों से कोई सरोकार नहीं था । इस जाम की वजह से खिलाड़ी स्टेडियम देर से पहुंचेंगे।
फाइनल मुकाबला देरी से होगा शुरू
भारतीय महिला हॉकी टीम और चीन महिला हॉकी टीम के बीच एशियन गेम्स का फाइनल देरी से शुरू होगा। ये मैच शुक्रवार को 3:30 से शुरू होने वाला था लेकिन किसी वजह से इसमें देरी हुई है और अब मुकाबला 4:15 से शुरू होगा।
पिछले साल खराब फॉर्म से जूझती दिखी भारतीय महिला हॉकी टीम के लिये 2026 यादगार रहा है जिसमें एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी की और पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विश्व कप में भारत ने ग्रुप चरण में दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका था जबकि भारतीय टीम में 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था। पूरे टूर्नामेंट में भारत एकमात्र मैच सह मेजबान नीदरलैंड से 0 . 2 से हारा था।
इधर चीन को दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान जापान ने निर्धारित 60 मिनट तक गोलरहित बराबरी पर रोका और पेनल्टी शूटआउट में 4 . 2 से जीत दर्ज करके चीन फाइनल में पहुंच सका। भारत को भी दक्षिण कोरिया से कड़ी चुनौती मिली और 12 पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ एक पर गोल हो सका । भारत के लिये सेमीफाइनल के 44वें मिनट में इशिका और चार मिनट बाद कप्तान सलीमा टेटे ने गोल किया ।
चीन एशियाई खेलों की सबसे कामयाब टीम रही है और 2023 में हांगझोउ खेलों समेत उसने छह खिताब जीते हैं । भारत और चीन के बीच अब तक 28 मुकाबले हुए हैं जिनमें से 12 चीन ने और 11 भारत ने जीते जबकि पांच मैच ड्रॉ रहे ।
भारत-चीन के लिए सबसे ज्यादा गोल
भारत के लिए गोलकीपर सविता और बिछू देवी ने विश्व कप का शानदार फॉर्म जारी रखा है। भारत ने पेनल्टी कॉर्नर और ओपन प्ले में गोल किये हैं हालांकि कोरिया के खिलाफ पेनल्टी कॉर्नर उतना अच्छा नहीं रहा। दीपिका छह मैचों में 21 गोल कर चुकी है, जिनमें से 19 पेनल्टी कॉर्नर पर आए। नवनीत ने दस गोल दागे हैं जिनमें से सात फील्ड गोल हैं। चीन के लिये झोंग जियाकी ने नौ जबकि चेन यि और झांग यिंग ने सात सात गोल किये हैं।
-Legend News

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