प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान युद्ध को कोरोना महामारी के बाद सबसे बड़ा संकट बताते हुए लोगों से फ्यूल बचाने, विदेश यात्रा और सोने की खरीद से परहेज करने की अपील की है। इससे देश की इकॉनमी को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी है। इस बीच मूडीज रेटिंग्स ने 2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान मंगलवार को 0.8 प्रतिशत अंक घटाकर छह प्रतिशत कर दिया। यह कटौती निजी खपत और औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती के साथ-साथ ऊंची ऊर्जा लागत के कारण की गई है।
क्रेडिट निर्धारण एजेंसी ने अपनी ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक’ के मई संस्करण में कहा कि अगले छह महीनों में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोत्तरी तथा ईंधन एवं उर्वरक की कमी का असर विभिन्न देशों में अलग-अलग होगा जो उनकी निर्भरता तथा लचीलेपन पर निर्भर करेगा। एजेंसी ने कहा, ‘वैश्विक परिदृश्य अत्यधिक अनिश्चित बना हुआ है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की स्थिति नाजुक है। हम भारत के लिए वृद्धि दर में करीब 0.8 प्रतिशत अंक तक की गिरावट का अनुमान लगाते हैं।’ 
कच्चे तेल का आयात
इसके अलावा, 2027 (कैलेंडर वर्ष) के लिए भी मूडीज रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर का अनुमान 0.5 प्रतिशत अंक घटाकर छह प्रतिशत कर दिया है। एजेंसी के अनुसार ऊर्जा आपूर्ति में सुधार और शिपिंग प्रवाह के सामान्य होने के साथ ये दबाव धीरे-धीरे कम होंगे एवं आर्थिक गतिविधियां सुधरेंगी। मूडीज ने साथ ही कहा कि भारत ऊंची तेल कीमतों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है। 
-Legend News

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