वृन्दावन। ब्रजमण्डल के वरिष्ठ साहित्यकार एवं श्रीबाँकेबिहारीजी महाराज के सेवायत डॉ. मधुर बिहारी गोस्वामी महाराज ने कहा कि जन जन के आराध्य भगवान श्रीबाँकेबिहारीजी महाराज की सेवायत वंश परम्परा के कुलपुरुष पूज्याचार्य गोस्वामी श्रीजगन्नाथजी महाराज अपने अग्रज रसिकशेखर श्रीस्वामीहरिदासजी महाराज की आज्ञानुसार सम्पूर्ण जीवन आराध्यप्रभु श्रीबाँकेबिहारीजी महाराज की सेवा में रत रहे।

श्रीहरिदासबिहारी फाउंडेशन भारत ट्रस्ट के तत्वावधान में आज गुरुपूर्णिमा पर्व पर प्राचीन श्रीहरिदासपीठ मंदिर में गोस्वामी श्रीजगन्नाथजी महाराज के 507 वें जन्मोत्सव के उपलक्ष में आयोजित भावगोष्ठी के मुख्य वक्ता स्वरूप में विचार व्यक्त करते हुये डॉ. गोस्वामी ने कहा कि श्रीजगन्नाथजी महाराज ने अनन्य रसिक सखी सम्प्रदायी परम्परा की विलक्षण रसरीति से आम जनमानस को परिचित कराते हुये आराध्य के रस - यश का व्यापक प्रचार - प्रसार किया और अपने बाद गोपीनाथ, मेघश्याम व मुरारीदास नामक अपने तीनों सुपुत्रों को भी हरिसेवा में समर्पित कर दिया। श्रीजगन्नाथजी की वंश परम्परा पूर्ण मनोयोग से बीते करीब पाँच सौ सालों से श्रीबाँकेबिहारीजी की सेवा में संलग्न रहते हुये अनन्यरस के विस्तार में जुटी हुई है।

भावगोष्ठी में उत्तर प्रदेश सारस्वत सभा के प्रदेश संरक्षक आचार्य बिहारी लाल शास्त्री, आशुकवि आचार्य प्रेमबल्लभ गोस्वामी व संगीताचार्य डॉ. राजेंद्रकृष्ण अग्रवाल आदि ने भी भावोदगार व्यक्त किये। समारोह की अध्यक्षता इतिहासकार आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी महाराज ने की। कार्यक्रम में पवन अग्रवाल, निवेदिता गोस्वामी, प्रवर्तिका गोस्वामी इत्यादि का सहयोग सराहनीय रहा। संचालन आचार्य विप्रांश बल्लभ गोस्वामी ने और धन्यवाद ज्ञापन ठाकुर कान्हा सिंह ने किया।

इससे पूर्व परम्परागत समारोह के शुभारम्भ में मंदिर के सेवायत आचार्य जनों द्वारा श्रीबाँकेबिहारी मंदिर में विराजमान श्रीजगन्नाथजी महाराज के चित्रपट का विधिविधान पूर्वक पूजन - अर्चन - माल्यार्पण करके विशेष भोगराग अर्पित किया गया। इसके बाद प्राचीन श्रीहरिदासपीठ मंदिर में भक्तों ने पूज्य गोस्वामी महाराज का पूजनअर्चन किया। इस मौके पर मुख्य सेवायत आचार्य ने विशेष जन्मोत्सव आरती उतारी और भक्तवृंदो को वधाई - प्रसाद वितरित किया।

- Legend News 

मिलती जुलती खबरें

Recent Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your Phone will not be published. Required fields are marked (*).