रिपोर्ट : LegendNews
अनिल अंबानी की रिलायंस ने NSE, BSE और SEBI का दरवाजा खटखटाया
अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का रुख किया है। कंपनी ने बाजार नियामक सेबी (SEBI) का भी दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने अपने शेयरों पर लगाए गए ट्रेडिंग प्रतिबंधों की समीक्षा की मांग की है। रिलायंस इंफ्रा का तर्क है कि ये प्रतिबंध 7 लाख से अधिक छोटे और खुदरा निवेशकों के हितों को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
कंपनी ने नियामकों और एक्सचेंजों को एक औपचारिक ज्ञापन प्रस्तुत किया है, जिसमें दिवालियापन संहिता (आईबीसी) की कार्यवाही से गुजर रही कंपनियों पर लागू अतिरिक्त निगरानी उपाय (एएसएम) ढांचे का आह्वान किया गया है।
मौजूदा ट्रेडिंग नियमों पर उठाई चिंता
कंपनी के अनुसार, मौजूदा नियमों के तहत, उसके शेयरों में ट्रेडिंग सप्ताह में केवल एक बार और प्लस/माइनस 5% की सीमित मूल्य सीमा के भीतर ही अनुमति है। रिलायंस इंफ्रा का तर्क है कि इन प्रतिबंधों के कारण, शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के व्यावसायिक प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं पर आधारित होने के बजाय पूरी तरह से मैकेनिकल हो गया है। कंपनी का कहना है कि इन प्रतिबंधों को जारी रखने से बाजार में तरलता प्रभावित हो रही है और शेयर का उचित मूल्य निर्धारित नहीं हो पा रहा है।
रिटेल निवेशकों पर पड़ रहा बुरा असर
रिलायंस इंफ्रा ने अपनी अर्जी में कहा है कि यह प्रणाली उसके सार्वजनिक शेयरधारकों, विशेष रूप से 7 लाख से अधिक खुदरा और छोटे निवेशकों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। जब शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचता है, तो निवेशकों के लिए बाजार मूल्य पर अपना निवेश बेचना बेहद मुश्किल हो जाता है। इस सीमित ट्रेडिंग तंत्र के कारण, निवेशकों के शेयरों का मूल्य लगभग हर हफ्ते एक निश्चित प्रतिशत से घट रहा है, जो बाजार के सुचारू संचालन के लिए हानिकारक है।
NCLAT के फैसले का दिया हवाला
कंपनी ने इस बात पर भी जोर दिया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील न्यायाधिकरण (NCLA) से कंपनी के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही और सीआईआरपी पर रोक लगाने के बावजूद ये प्रतिबंध लगाए गए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि किसी भी समाधान पेशेवर (आरपी) ने कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में नहीं लिया है और इसके कामकाज का प्रबंधन निदेशक मंडल द्वारा सामान्य रूप से किया जा रहा है।
NSE डेटा के अनुसार रिलायंस इंफ्रा शेयर के शेयर पिछले हफ्ते के सत्रों में 21.52% उछले हैं। इसमें शुक्रवार को भी अपर सर्किट लगा है। अभी रिलायंस इंफ्रा का शेयर 81.76 रुपये पर है। इसका मार्केट कैप 3.34 हजार करोड़ रुपये है। रिलायंस इंफ्रा शेयर का 52-वीक हाई 423.40 रुपये है।
-Legend News

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