दिल्ली पुलिस ने एक IPS अधिकारी के खिलाफ बेहद गंभीर मामले में FIR दर्ज की है। मामला 2023 का है, जब मिजोरम कैडर के एक एसपी ने दिल्ली में बिना किसी अनुमति के फर्जी छापेमारी को अंजाम दिया। विजिलेंस जांच में खुलासा हुआ है कि अफसर ने न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि एक विदेशी नागरिक को अवैध तरीके से हिरासत में भी रखा। 
छुट्टी पर थे साहब, फिर भी बन गए 'सिंघम'
आरोपी IPS अफसर की पहचान शंकर चौधरी के रूप में हुई है, जो उस वक्त मिजोरम में एसपी नारकोटिक्स थे। रिपोर्ट के मुताबिक, वे दिल्ली में छुट्टी पर आए थे और उनकी छुट्टी 20 नवंबर 2023 को खत्म हो चुकी थी। इसके बावजूद, उन्होंने दिल्ली पुलिस मुख्यालय या मिजोरम सरकार को बिना बताए 21 से 29 नवंबर के बीच डाबरी-बिंदापुर इलाके में छापेमारी की। 
रात 3:30 बजे घर में घुसे, लॉकर और बैग लेकर गायब
एफआईआर में सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया गया है, जो बेहद चौंकाने वाला है। 26 नवंबर की रात 3:34 बजे शंकर चौधरी एक नाइजीरियाई नागरिक के घर में घुसे। करीब दो घंटे बाद सुबह 5:40 बजे वे वहां से एक लॉकर और दो बैग लेकर निकले। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान न तो कोई सीजर मेमो बनाया गया और न ही जब्त सामान की कोई लिस्ट तैयार की गई। यह सामान कभी सरकारी मालखाने में जमा भी नहीं कराया गया। 
मिजोरम हाउस को बना दिया 'जेल'
आरोप है कि रेड के बाद नाइजीरियाई नागरिक को वसंत विहार स्थित मिजोरम हाउस ले जाया गया। वहां उसे 3 दिनों तक अवैध रूप से कैद करके रखा गया। न तो उसकी गिरफ्तारी दिखाई गई और न ही उसे 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश किया गया, जो कि संविधान के अनुच्छेद 22(2) का सीधा उल्लंघन है। 
अब अफसर पर हो गया मुकदमा
विजिलेंस जांच में सामने आया है कि 29 नवंबर को पुलिस को एक पीसीआर कॉल मिली थी, जिसमें शंकर चौधरी, मिजोरम पुलिस द्वारा वसूली की बात कही गई थी। कॉल के तुरंत बाद उसी रात संदिग्ध को छोड़ दिया गया, जिससे दाल में काला होने का शक गहरा गया। अब दिल्ली पुलिस ने IPS शंकर चौधरी के खिलाफ IPC की धारा 166 (कानून का उल्लंघन), 341-342 (बंधक बनाना) और 409 (अमानत में खयानत) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस के जिन निचले अधिकारियों ने इस रेड में उनका साथ दिया था, उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। 
-Legend News

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