नई दिल्ली। अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के विमान हादसे में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने यह आदेश पुष्करराज सबरवाल की याचिका पर दिया है। जिनके बेटे सुमित बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के पायलट-इन-कमांड थे। कोर्ट ने केंद्र और नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए को नोटिस भेजा है। जिसमें कहा है कि इस दुर्घटना के लिए पायलट-इन-कमांड को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

दरअसल, एयर इंडिया के मृतक पायलट सुमित सबरवाल के पिता ने विमान हादसे के न्यायिक जांच की मांग की है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने भी इसी मांग के साथ एक याचिका दायर की थी।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने दिवंगत पायलट के पिता सुमित सबरवाल से कहा, "यह दुर्घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन आपको यह बोझ नहीं उठाना चाहिए कि आपके बेटे को दोषी ठहराया जा रहा है।"

जांच रिपोर्ट आने के बाद किया सुप्रीम कोर्ट का रूख
बता दें कि मृतक पायलट सुमित सबरवाल के पिता सर्वोच्च न्यायालय में तब आए, जब विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने जुलाई में जारी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा कि उड़ान भरने के तुरंत बाद दोनों इंजनों को ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन नियंत्रण स्विच एक के बाद एक "कटऑफ" स्थिति में आ गए। हालाँकि लगभग 10 सेकंड बाद स्विच वापस चालू कर दिए गए, लेकिन इंजन पहले ही जल चुके थे, जिससे दुर्घटना हुई।

12 जून को अहमदाबाद में हुआ विमान हादसा
गौरतलब है कि 12 जून को, एअर इंडिया का विमान अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) ने रिपोर्ट में बताया कि उड़ान भरने के 90 सेकेंड बाद ही विमान के दोनों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया था। इससे विमान तेजी से नीचे गिरा। इस हादसे में विमान में शामिल 241 लोगों की दुर्घटना में मौत हुई थी। वहीं, 34 अन्य लोगों की मौत हुई थी। कुल मिलाकर 275 के करीब लोगों की मौत हो गई थी।
- Legend News

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