युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है. उन्होंने लगभग एक साल तक चले राष्ट्रपति शासन के बाद राज्य की कमान संभाली है. इस मौके पर दो डिप्टी सीएम भी बनाए गए हैं. मैतेई समुदाय से आने वाले खेमचंद पूर्व सीएम बीरेन सिंह के करीबी माने जाते हैं. नई सरकार में दो डिप्टी सीएम को भी शपथ दिलाई जाएगी. लोधी दिखो नागा समुदाय से आते हैं. कुकी समुदाय से आने वालीं नेमचा किपगेन राज्य की पहली डिप्टी सीएम होंगी. मणिपुर में 3 मई 2023 को तब हिंसा भड़क गई थी, जब चुरचांदपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के लोगों में झड़प हो गई थी. तब से ही मणिपुर में हिंसा जारी है. इसी हिंसा के बीच पिछले साल मणिपुर के तत्कालीन सीएम बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद 12 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. 
पहली बार आए कुकी-जो विधायक
मणिपुर में जारी हिंसा के बाद यह पहली बार है कि दो कुकी-जो विधायक- एलएम खौटे और न्गुर्संगलुर सनाते इंफाल आए हैं. नई लीडरशिप टीम के स्वागत के लिए इंफाल में BJP प्रदेश कार्यालय में भी तैयारियां चल रही हैं.
2017 से 2022 तक विधानसभ के अध्यक्ष रहे युमनाम खेमचंद सिंह
युमनाम खेमचंद सिंह इससे पहले 2017 से 2022 तक युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष रहे. भाजपा संगठन के भीतर जमीनी स्तर के आयोजक व मजबूत संगठनात्मक क्षमता वाले नेता के रूप में पहचाने जाते हैं. सक्रिय राजनीति में आने से पहले व्यवसाय से जुड़े रहे, उससे पहले वो ताइक्वांडो के खिलाड़ी भी थे. 
दक्षिण कोरिया से ली ट्रेनिंग, इंटरनेशनल लेवल पर किया भारत का प्रतिनिधित्व
54 वर्षीय खेमचंद सिंह ने दक्षिण कोरिया में मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली है. उन्होंने कई मौकों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया और भारतीय ताइक्वांडो टीम के कप्तान भी रहे. उन्होंने 1977 में अपनी ताइक्वांडो यात्रा शुरू की, जो अगले 20 वर्षों तक जारी रही. इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में इस खेल को बढ़ावा देने का काम किया.
ताइक्वांडो में मिला ब्लैक बेल्ट, फेडरेशन भी संभाला
हाल ही में सियोल, दक्षिण कोरिया स्थित ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन द्वारा पारंपरिक ताइक्वांडो में प्रतिष्ठित 5वीं डैन ब्लैक बेल्ट से उन्हें सम्मानित किया गया. युमनाम को मिला यह ब्लैक बेल्ट से उनके दशकों की अनुशासन और निपुणता का प्रतीक है. ताइक्वांडो खिलाड़ी के बाद युमनाम खेल प्रशासक भी रहे. उन्होंने ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली. साथ ही पूर्वोत्तर भारत में इस खेल के प्रारंभिक संस्थागत विकास से जुड़े रहे. 
भारतीय टीम के कोच भी रहे, 2012 में राजनीति में ली एंट्री
1982 में खेमचंद ने असम ताइक्वांडो एसोसिएशन की स्थापना की और लगभग नौ वर्षों तक गुवाहाटी में रहे. 1992 के बाद वे मणिपुर लौटे और कोचिंग शुरू की. वे मणिपुर ताइक्वांडो एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे. वे भारतीय टीम के कोच भी बने. उन्होंने 2012 में राजनीति में प्रवेश किया—जब उन्होंने सिंजामेई सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 157 वोटों से हार गए. इसके बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और आरएसएस के काफ़ी करीब आ गए. वे मणिपुर में शाखाओं में भी हिस्सा लेते रहे.
-Legend News

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